दुर्ग जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जनपद पंचायत दुर्ग क्षेत्र में “आवास प्लस ऐप” के माध्यम से लगभग 353 हितग्राहियों के नाम अपात्र सूची में शामिल कर दिए गए, जो निर्धारित 13 बिंदुओं के नियमों के अनुसार पात्र नहीं हैं।

जानकारी के अनुसार, इन अपात्र हितग्राहियों के नाम सिस्टम में दर्ज होने के कारण वास्तविक जरूरतमंद और पात्र हितग्राही आवास योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं। वर्तमान व्यवस्था में ऐसे मामलों के सुधार या पुनः स्वीकृति के लिए कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं होने से हजारों जरूरतमंदों की उम्मीदों पर असर पड़ रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस प्रकार की त्रुटियों से योजना की सफलता पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो रहा है। जनपद पंचायत दुर्ग के अंतर्गत लगभग 47 ग्राम पंचायतों में इस समस्या का प्रभाव देखा जा रहा है।

आवेदनकर्ताओं ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि आवास प्लस ऐप में अपात्र (काली सूची) में दर्ज हितग्राहियों के मामलों की समीक्षा कर पात्र हितग्राहियों को पुनः स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ मिल सके।
इस दौरान रिवेंद्र यादव, नंदकुमार सेन, कृष्णा देवांगन, लोकेश कुमार, पार्श्वनाथ सिंह चौहान, सुंदरलाल देशमुख, हेमंत साहू, पूनम वैष्णव सहित नागपुर अंजोरा के सैकड़ो पात्र हितग्राही उपस्थित रहे1
