पिता के पहल को मिली सराहना, 35 से अधिक लोगों ने रक्तदान कर महादान का दिया संदेश
दुर्ग। आज के दौर में जहां अधिकांश लोग अपने बच्चों का जन्मदिन केक काटकर और उत्सव मनाकर मनाते हैं, वहीं कसारीडीह सुभाषनगर निवासी अधिवक्ता गौरव शर्मा (हनी) ने अपनी बेटी के 13वें जन्मदिन को मानव सेवा के लिए समर्पित कर समाज के सामने प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।

बेटी संस्कृति शर्मा (नव्या) के जन्मदिवस के अवसर पर शनिवार को उन्होंने श्री साई मंदिर परिसर कसारीडीह में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया। जिसमें 35 से अधिक रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर जरूरतमंदों के जीवन बचाने का संकल्प लिया।
शिविर में रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करने और रक्तदान को लेकर जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से उपहार के तौर पर हेलमेट व हैण्डवाच के अलावा प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। रक्तदाताओं को हेलमेट प्रदान करने का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं से सुरक्षित रखने का संदेश देना भी रहा। शिविर का उद्देश्य केवल जन्मदिन का उत्सव मनाना नहीं था, बल्कि समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को मानव सेवा के इस महादान से जोड़कर जरुरतमंदो को समय पर रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करवाना था।

शिविर में रक्तदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए यह संदेश दिया कि रक्तदान से बढ़कर कोई दान नहीं है और इससे अनगिनत लोगों को नया जीवन मिल सकता है। बता दें कि अधिवक्ता पिता गौरव शर्मा (हनी) द्वारा बेटी संस्कृति शर्मा के जन्मदिन पर रक्तदान शिविर आयोजित करने की यह परंपरा पिछले आठ वर्षों से लगातार निभाई जा रही है। हर वर्ष जन्मदिन को सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोडऩे की इस पहल ने लोगों के बीच एक अलग पहचान बनाई है।

बेटी के जन्मदिन को समाजहित के कार्यों के साथ मनाने की यह सोच अन्य अभिभावकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है। शिविर के दौरान रक्तदाताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। शिविर में युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए और रक्तदान कर मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। शिविर में रक्तदान करने वालों ने कहा कि किसी जरूरतमंद को जीवनदान देने से बड़ा कोई उपहार नहीं हो सकता है। रक्त संग्रहण की जिम्मेदारी ब्लड बैंक के प्रमुख श्याम केसवानी एवं उनकी तकनीकी टीम ने संभाली। टीम ने सभी आवश्यक स्वास्थ्य मानकों का पालन करते हुए रक्त संग्रहण किया और रक्तदाताओं का मार्गदर्शन भी किया। इस अनूठी एवं सेवाभावी पहल की रक्तदाताओं, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों ने जमकर सराहना की। शिविर में शामिल लोगों का कहना था कि जन्मदिन जैसे व्यक्तिगत अवसरों को समाज सेवा से जोडऩे की यह पहल न केवल प्रेरणादायी है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का भी सशक्त माध्यम है।
बेटी संस्कृति शर्मा के जन्मदिन पर आयोजित यह रक्तदान शिविर मानवता, सेवा और सामाजिक संवेदनशीलता का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया है। शिविर में वरिष्ठ अधिवक्ता लखनलाल शर्मा, संस्कृति की मां नीलम शर्मा, कसारीडीह वार्ड के पार्षद प्रकाश गीते, श्री साई मंदिर समिति अध्यक्ष धनेन्द्र कांत चंदेल, मुरलीधर राऊत, गणेश निर्मलकर, रवि भट्ट, श्रीधर भजने, अजय सुरपाम, आशीष निमजे, महेश शर्मा, राकेश निमजे, हरीश नागवानी, निशांत सोलंकी के अलावा अन्य लोगों ने शिविर में सेवाएं दी और रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाया।