दुर्ग जिले के सबसे बड़े जिला अस्पताल से मानवता को शर्मसार कर देने वाली अव्यवस्था सामने आई है। अस्पताल की मोर्चरी में शवों को सुरक्षित रखने वाला एक फ्रीजर कैबिनेट पिछले पांच महीनों से खराब पड़ा है। भीषण गर्मी के बीच फ्रीजर की कमी के कारण कई शवों को खुले में रखा जा रहा है, जिससे दुर्गंध उठने की शिकायत सामने आ रही है।
इस गंभीर लापरवाही को लेकर शुक्रवार को शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचकर सिविल सर्जन डॉ. आशीषयन मिंज का घेराव किया और अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगा। इस दौरान दुष्यंत देवांगन, नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले, राय सिंह ढिकोला, नासिर खोखर, अनूप वर्मा, अजय शर्मा, सुशील भारद्वाज, सुनीत घोष, आयुष शर्मा, चंद्रमोहन गभने, दीपक जैन, चिराग शर्मा, निकिता मिलिंद और हेमा साहू सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
8 शवों की क्षमता, लेकिन व्यवस्था केवल 4 की
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि मोर्चरी में दो फ्रीजर कैबिनेट हैं, जिनमें एक साथ कुल 8 शव सुरक्षित रखे जा सकते हैं। लेकिन एक फ्रीजर पिछले पांच महीनों से खराब होने के कारण अब केवल 4 शव रखने की ही व्यवस्था बची है। ऐसे में जब शवों की संख्या बढ़ जाती है तो बाकी शवों को बाहर रखना पड़ता है।
300 रुपए शुल्क फिर भी बदहाल व्यवस्था
शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में रेडक्रॉस द्वारा प्रत्येक शव को फ्रीजर में रखने के नाम पर 300 रुपए शुल्क लिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद शवों को सम्मानजनक और सुरक्षित व्यवस्था नहीं मिल पा रही। उन्होंने इसे अस्पताल प्रबंधन की संवेदनहीनता बताया।
15 दिन में व्यवस्था नहीं सुधरी तो उग्र आंदोलन
कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल प्रबंधन को 15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि तत्काल नया फ्रीजर कैबिनेट स्थापित कर मोर्चरी की व्यवस्था सुधारी जाए। चेतावनी दी गई कि यदि तय समय में सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी जिला अस्पताल के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी।