दुर्ग। ग्राम समोदा चौकी क्षेत्र में अवैध रूप से अफीम की खेती का बड़ा मामला सामने आया है। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने ग्राम समोदा में दबिश दी, जहां कई एकड़ जमीन पर अफीम की अवैध खेती होती पाई गई। खेतों में बड़ी संख्या में अफीम के पौधे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई।
पुलिस के अनुसार सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि एक किसान ने उक्त जमीन को लीज पर लेकर वहां अफीम की खेती कर रखी थी और वही पूरी खेती की देखरेख कर रहा था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, कलेक्टर, तहसीलदार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि जिस जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी, वह जमीन प्रीति वाला और मधुबाला ताम्रकार के नाम पर दर्ज है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि जमीन मालिकों को इस अवैध खेती की जानकारी थी या नहीं।

मौके पर पहुंची एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम ने पौधों का केमिकल टेस्ट किया। परीक्षण में पुष्टि हुई कि इन पौधों में मॉर्फिन कंपाउंड मौजूद है, जो कि अफीम से बनने वाले घातक नशीले पदार्थों का प्रमुख तत्व होता है और आगे चलकर इससे हीरोइन जैसे नशीले ड्रग्स तैयार किए जाते हैं।
जानकारी के मुताबिक यह अवैध खेती शिवनाथ नदी के किनारे सुनसान इलाके में बड़े क्षेत्र में की जा रही थी, ताकि किसी को इसकी भनक न लगे। पुलिस ने मौके से अफीम के पौधों को जब्त कर लिया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि अवैध खेती करने वाले आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।