छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा रायपुर और कोरबा जिलों के लिए जारी संशोधित भूमि गाइडलाइन ने रियल एस्टेट सेक्टर और आम जनता के बीच उत्साह की लहर बढ़ा दी है। 30 जनवरी से लागू हुई इस नई गाइडलाइन को गेम चेंजर माना जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन (क्रेडाई) सहित विभिन्न संगठनों ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी के निवास पहुंचकर उनका सम्मान किया और इस जनहितकारी निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया।
इस दौरान क्रेडाई के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि गाइडलाइन दरों के युक्तिकरण और सरलीकरण से मकान, प्लॉट और अचल संपत्तियों के क्रय-विक्रय में अब अधिक पारदर्शिता आएगी। एसोसिएशन का मानना है कि शासन ने व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए संतुलित संशोधन किया है, जिससे मध्यम वर्ग और किसानों पर पडऩे वाला अनावश्यक आर्थिक बोझ कम होगा। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता विकास को गति देना और निवेश को प्रोत्साहित करना है। भूमि गाइडलाइन का निर्धारण स्थानीय परिस्थितियों और जनभावनाओं को ध्यान में रखकर किया गया है। हम चाहते हैं कि जनता को लाभ मिले और प्रदेश का आर्थिक ढांचा मजबूत हो।
क्यों खास है नई गाइडलाइन
0 दशकों की उलझन खत्म – दरों में यथार्थपरक संशोधन से जमीन की कीमतों में संतुलन आया है।
0 निवेश को बढ़ावा – औद्योगिक और व्यावसायिक निवेश से जुड़े कार्यों में सुगमता आएगी।
0 रोजगार के अवसर – रियल एस्टेट सेक्टर को नई ऊर्जा मिलने से निर्माण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
0 सुगम प्रक्रिया – आवास और प्लॉट की रजिस्ट्री अब पहले से अधिक स्पष्ट और आसान होगी।
इनकी रही सम्मान के दौरान मौजूदगी
सम्मान कार्यक्रम के दौरान क्रेडाई अध्यक्ष मयंक आहुजा, सचिव विक्रांत डोसी, कोषाध्यक्ष दीपक जैन सहित राज्य सलाहकार समिति के सदस्य हेमंत सेठिया, गुरुदास सत्रे, योगेश बोथरा, विनोद छिपा, मनोज महंती एवं संजय निलांजने विशेष रूप से उपस्थित रहे।