The 100 to 500 percent increase in guideline rates is an unfair and short-sighted decision. This decision will increase unemployment and lead to economic recession - Rakesh Thakur
जिला मुख्यालय दुर्ग में नवनियुक्त दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर, दुर्ग शहर अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल, भिलाई जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर के संयुक्त नेतृत्व में पूर्व विधायक अरुण वोरा , प्रदेश महामंत्री राजेंद्र साहू , दीपक दुबे की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ में पंजीयन दर में बेतहाशा वृद्धि के विरोध में कांग्रेसियों ने प्रदेश भाजपा सरकार का पुतला दहन किया गया और जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई ।
दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि भाजपा की सरकार आने के बाद भूमि की सरकारी दर 40 से 500 प्रतिशत बढ़ गयी ,यह सरकार का अदूरदर्शी फैसला है। गाईडलाइन की दर बढ़ने से आम आदमी को परेशानी होगी, लोगों का मकान, दुकान, फैक्ट्री बनाने का खर्च बढ़ जायेगा। भूमि की खरीदी-बिक्री बंद हो जायेगी या कम हो जायेगी, बेरोजगारी बढ़ेगी। यह प्रदेश के विकास में बाधा पहुंचाने वाला फैसला है। इस फैसले का कांग्रेस पार्टी विरोध करती है।

पूरे देश में ऐसा कहीं नहीं हुआ कि एक साल में जमीन की गाईडलाईन 130 से 500 प्रतिशत तक बढ़ा दी गयी हो। मुंबई, हैदराबाद, दिल्ली, पुणे जैसे एवं अन्य बड़े शहरों में भी जमीन की गाईडलाईन की दर एक बार में 10 से 15 प्रतिशत ही बढ़ाई जाने की परंपरा रही है।
सरकार पहले भूमि के गाईडलाईन दरों में कांग्रेस सरकार के समय दिये जाने वाले 30 प्रतिशत छूट को समाप्त कर दिया। अब अचानक से जमीनों की सरकारी कीमत 10 से 100 प्रतिशत बढ़ा दिया, मतलब छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार आने के बाद भूमि की सरकारी कीमत 40 से 130 प्रतिशत बढ़ गयी।
दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि पिछले हफ्ते ही सरकार ने निवेश क्षेत्र में कृषि भूमि की रेट की गणना में परिवर्तन किया, यदि एक किसान को एक एकड़ जमीन बेचना है तो शुरूआत के 15 हजार वर्गफीट तक वर्गफीट के हिसाब से स्टांप ड्यूटी देना होगा तथा उसके बाद की जमीन पर हेक्टेयर के दर से स्टांप ड्यूटी देनी होगी। इससे राजधानी के आसपास कृषि जमीने खरीदना महंगा होगा, किसानों की जमीनें बिकना बंद हो जायेगी।

भिलाई कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने कहा कि 30 लाख की जमीन के लिए 22 लाख की स्टांप ड्यूटी कोई सरफिरि या तुनकमिजाज सरकार ही लगा सकती है। प्रदेश के कई शहरों के आसपास कुछ जगह ऐसी भी स्थिति बन गयी है कि अगर कोई 1000 फीट जमीन की खरीदी 6 लाख रु. में करता है तो उसे 4 लाख 40 हजार रु. रजिस्ट्री शुल्क चुकाना होगा, कुछ क्षेत्रों में रजिस्ट्री शुल्क और जमीन की कीमत एक बराबर होगी, कुछ क्षेत्रों में जमीन की कीमत से ज्यादा रजिस्ट्री शुल्क देना पड़ेगा। ऐसे गरीब आदमी मकान कैसे बनायेगा? तिनका तिनका जोड़कर और कर्ज लेकर जमीन खरीदने वालों को जमीन के साथ रजिस्ट्री के लिए भी कर्ज लेना पड़ेगा, फिर मकान बनाने पैसा कहाँ से इंतजाम करेगा ।
पूर्व विधायक अरुण वोरा ने कहा कि सरकार ने पहले ही 5 डिसमिल से कम जमीनों की रजिस्ट्री पर प्रतिबंध लगा दिया था जिसके कारण गरीब आदमी मकान नहीं बना पा रहा, किसी के पास सिर्फ 1000 या 2000 वर्गफीट जमीन है तो वह उसमें से आधा नहीं बेच सकता। ऐसा लगता है सरकार के फैसले जानबूझकर जनता को विशेषकर किसानों गरीबों और रियल स्टेट से जुड़े हुये लोगों को परेशान करने के लिये, लिये गये है।
प्रदेश महामंत्री राजेंद्र साहू ने कहा कि सरकार के द्वारा जमीन की रजिस्ट्रियों के संबंध में, भूमि के गाईडलाईन के संबंध में सरकार के फैसले जनता के हितों के खिलाफ है। कृषि के बाद सबसे ज्यादा रोजगार रियल स्टेट सेक्टर देता है, सरकार के इस अनुचित फैसले से छत्तीसगढ़ में रियल स्टेट व्यवसाय की कमर टूट जायेगी।
प्रदेश महामंत्री दीपक दुबे ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 5 डिसमिल से कम जमीन की रजिस्ट्री शुरू कर तथा गाईडलाईन की दर में 30 प्रतिशत छूट कर प्रदेश में रियल स्टेट सेक्टर में प्राण फूंका था, यही कारण था कि कोरोना के समय भी छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था मजबूत थी। वर्तमान सरकार के निर्णय से बेरोजगारी बढ़ेगी, अर्थव्यवस्था तबाह होगी, रियल स्टेट में गिरावट आयेगी।
प्रवक्ता नासिर खोखर ने कहा कि सरकार का आर्थिक प्रबंधन फेल हो गया है। सरकार के पास अपनी योजनाओं को चलाने के लिए पैसा नहीं है इसीलिए सरकार विभिन्न मदों में टैक्स बढ़ा कर जनता पर बोझ थोप रही है। इसीलिए जमीन के गाईड लाईन के रेट बढ़ाये गये तथा बिजली के दाम बढ़ाये गये। बिजली बिल में 400 यूनिट छूट को समाप्त किया गया। अब जमीनों की रजिस्ट्री महंगी की जा रही है।
पुतला दहन में विशेष रूप से राजीव गुप्ता, संजय कोहले, अलताफ अहमद, प्रवक्ता नासिर खोखर,राजकुमार पाली, अजय मिश्रा,राजकुमार साहू, राजकुमार नारायणी ,जावेद खान, प्रेमलता साहू, अनूप वर्मा, मुकेश साहू, सुशील भारद्वाज, निकिता मिलिंद, हेमा साहू, भोला महोबिया, अ गनी, अजय गोलू गुप्ता, राहुल शर्मा, इलियास चौहान,आनंद ताम्रकार, सौरभ ताम्रकार, मोहित वाल्दे,शिसिर कांत कसर, सुनीत घोस , चिराग शर्मा , विकास सापेकर, वरुण केवलतानी, शिव वैष्णव, प्रकाश ठाकुर,कमलेश साहू, शमशीर कुरैशी, उमेश बारले, श्रीकांत वर्मा, शिवकुमार वर्मा, अरुण साहू, जितेंद्र वर्मा, अशोक साहू, जीवन निर्मलकर, लुमेश्वर पटेल, ठाकुर राम साहू, ज्वाला साहू, लोचन यादव, पालेश्वर ठाकुर, श्यामाचरण मनहर, हितेश निर्मलकर, रानी देवांगन, भुनेश्वरी रानी, सुनीता देवांगन, माहेश्वरी ठाकुर सहित अन्य सैकड़ों कांग्रेसी उपस्थित रहे।