भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई का पांचवां दीक्षांत समारोह नालंदा हॉल में आयोजित किया गया। इस समारोह में जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा मुख्य अतिथि रहे। दीक्षांत समारोह की शुरुआत अकेडमिक प्रोसेशन के आगमन के साथ हुई।
आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने एक रिपोर्ट प्रस्तुत किया, जिसमें संस्थान की पिछले वर्ष की प्रमुख उपलब्धियों और प्रगति की जानकारी दी गई। उन्होंने संकाय द्वारा किए जा रहे उन्नत शोध परियोजनाओं पर प्रकाश डाला और बताया कि संस्थान का अनुसंधान एवं विकास बजट लगभग 36 प्रतिशत बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 13.93 करोड़ हो गया है। प्रो. प्रकाश ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ने 25 सितंबर को आयोजित एक वर्चुअल समारोह में आईआईटी भिलाई के फेज बी निर्माण की शिलान्यास पटिका का अनावरण किया। यह परियोजना, जिसकी लागत 2,257.55 करोड़ है, अक्टूबर 2028 तक पूरी होने की उम्मीद है। इसके तहत परिसर में 1,51,343 वर्ग मीटर का नया निर्मित क्षेत्र जोड़ा जाएगा। फेज बी का एक प्रमुख भाग रिसर्च पार्क की स्थापना है, जो छत्तीसगढ़ राज्य में पहला होगा। यह पार्क शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग को मजबूत करेगा और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के विकास के लिए एक अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करेगा।
सुदीप रंजन को इंस्टीट्यूट गोल्ड मेडल
5वें दीक्षांत समारोह में 269 छात्रों ने 2025 में स्नातक किया। इस बैच में 25 पीएचडी, 24 एमएससी, 58 एमटेक, 10 बीटेक (ऑनर्स) और 152 बीटेक छात्र शामिल थे। इंस्टीट्यूट गोल्ड मेडल, डायरेक्टर गोल्ड मेडल और सेनेट अवाड्र्स का वितरण उपराज्यपाल द्वारा किया गया। उन्हें इंस्टीट्यूट गोल्ड मेडल सुदीप रंजन साहू, बीटेक छात्र को दिया गया। जिनका सीजीपीए सबसे अधिक था। एमटेक में डायरेक्टर गोल्ड मेडल सूर्य केताराजू को प्रदान किया गया। बीटेक, बीटेक (ऑनर्स) और एमएससी में उत्कृष्ट महिला छात्रा के लिए डायरेक्टर गोल्ड मेडल अंकिता अवस्थी को दिया गया।