दुर्ग शहर में बढ़ते अपराधों और लगातार हो रही हत्याओं पर राजनीति गरमा गई है। पूर्व विधायक अरुण वोरा ने प्रदेश सरकार पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा राज में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने कहा है कि सिर्फ नौ दिनों में पाँच हत्याएं हो गई है और सरकार अब भी खामोश है। यह प्रशासन की नाकामी है। वोरा ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार जब से सत्ता में आई है, अपराध रोकने में पूरी तरह विफल सिद्ध हुई है।
पूर्व विधायक वोरा ने कहा कि दुर्ग कभी शांति और संस्कार का प्रतीक रहा है, लेकिन आज अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे बिना किसी डर के हत्या कर रहे हैं। बीते केवल नौ दिनों में पाँच हत्याओं ने पूरे शहर को दहशत में डाल दिया है। सिर्फ दुर्ग ही नहीं, पूरे प्रदेश में यही हाल है। बेलगाम अपराध से असुरक्षा और भय का माहौल बन गया है। उन्होंने कहा है कि शांत और परंपराओं से जुड़ा यह शहर आज खून और खौफ की खबरों से कांप रहा है। विशेष रूप से उन घटनाओं ने लोगों को हिलाकर रख दिया है, जिनमें मामूली विवादों या पारिवारिक झगड़ों में हाथों में चाकू उठ गए और जीवन की कीमत कुछ भी नहीं रही।
कठोर कदम उठाए प्रशासन
वोरा ने सवाल खड़ा किया है कि भाजपा सरकार कब जागेगी? जनता जानना चाहती है कि आखिर कब तक निर्दोषों का खून सड़कों पर बहेगा और सरकार मूकदर्शक बनी रहेगी? उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि वह तत्काल कठोर कदम उठाए, कानून-व्यवस्था को सख्त करें, अपराधियों पर शिकंजा कसे, और शहर की शांति व सुरक्षा को पुन: स्थापित करें।