पूर्व मुख्यमंत्री एवं एआईसीसी के राष्ट्रीय महासचिव Bhupesh Baghel के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने दुर्ग जिले में मोर्चा खोल दिया है। भिलाई-चरोदा ब्लॉक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भिलाई-3 थाना पहुंचकर उग्र धरना-प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया के कुछ मंचों पर सुनियोजित तरीके से भूपेश बघेल की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी का दावा है कि फोटोशॉप सामग्री, भ्रामक पोस्ट और तथ्यहीन जानकारी प्रसारित कर राजनीतिक दुष्प्रचार किया जा रहा है, जिससे जनता को गुमराह करने की कोशिश हो रही है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कुछ यूट्यूबरों और स्वयं को पत्रकार बताने वाले सोशल मीडिया संचालकों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे बिना तथ्य और प्रमाण के आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि ऐसे लोग न केवल राजनीतिक व्यक्तित्वों की छवि खराब कर रहे हैं, बल्कि पत्रकारिता जैसे जिम्मेदार पेशे की विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने थाना परिसर में एकत्र होकर पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और मांग की कि संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही साइबर जांच के माध्यम से यह भी पता लगाया जाए कि कथित भ्रामक सामग्री तैयार करने और प्रसारित करने के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं।

कांग्रेस का आरोप, राजनीतिक साजिश के तहत दुष्प्रचार
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह कोई सामान्य सोशल मीडिया विवाद नहीं है, बल्कि विपक्ष के प्रमुख चेहरे भूपेश बघेल को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाने की सुनियोजित कोशिश है। पार्टी का कहना है कि पूर्व में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं और अब इस पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो सोशल मीडिया के माध्यम से दुष्प्रचार का सिलसिला बढ़ सकता है।
नए सियासी टकराव के आसार
चरोदा में धरना-प्रदर्शन होने से पुलिस प्रशासन पर मामले में त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस साइबर जांच को कितना आगे बढ़ाती है और कथित फर्जी सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में यह मामला केवल साइबर अपराध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के बीच नए सियासी टकराव का मुद्दा भी बन सकता है।
