प्रदेश में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ स्कूलों में शाला प्रवेशोत्सव का माहौल देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में दुर्ग के पोटिया स्थित प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला में आयोजित प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव शामिल हुए। उन्होंने नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया और विद्यालय में स्थापित स्मार्ट क्लास एवं संगीत कक्ष का लोकार्पण कर विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा सुविधाओं की सौगात दी।

विद्यालय परिसर में बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी रुचियों, सपनों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें अनुशासन, नियमित अध्ययन और संस्कारों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान दौर में शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रह गई है। नई शिक्षा नीति बच्चों को तकनीक, कौशल, नवाचार और रचनात्मकता से जोड़ने का अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों के बीच संसाधनों की खाई को कम कर सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक

स्मार्ट क्लास से डिजिटल पढ़ाई, संगीत कक्ष से निखरेगी प्रतिभा
मंत्री यादव ने विद्यालय में नवस्थापित स्मार्ट क्लास का लोकार्पण करते हुए कहा कि डिजिटल शिक्षण सामग्री के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए कठिन विषयों को भी सरल और रोचक बनाया जा सकेगा। वहीं संगीत कक्ष बच्चों की छिपी हुई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ संगीत, कला और सांस्कृतिक गतिविधियां भी बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उतनी ही आवश्यक हैं।
शिक्षकों और अभिभावकों से भी किया संवाद
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर शिक्षकों से चर्चा की और शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने के संबंध में सुझाव दिए। उन्होंने विद्यालय में विकसित किए जा रहे प्रिंट रिच वातावरण और अन्य शिक्षण संसाधनों की सराहना की। अभिभावकों से बातचीत करते हुए उन्होंने बच्चों की नियमित उपस्थिति और नैतिक विकास में परिवार की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का संदेश
पोटिया स्कूल में आयोजित यह कार्यक्रम केवल प्रवेशोत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सरकार की उस कोशिश का प्रतीक भी बना जिसमें पारंपरिक शिक्षा के साथ डिजिटल और रचनात्मक शिक्षण मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्मार्ट क्लास और संगीत कक्ष जैसी सुविधाएं आने वाले समय में विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर सकती हैं।

