नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जामुल थाना पुलिस ने स्टेपनी टायर के भीतर छिपाकर गांजा तस्करी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 15 किलो 500 ग्राम गांजा, पिकअप वाहन, मोबाइल फोन और नकदी समेत करीब 17.72 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए गांजे को स्टेपनी टायरों के भीतर छिपा रखा था, लेकिन तलाशी के दौरान उनका पूरा खेल उजागर हो गया।
पुलिस के मुताबिक शुक्रवार दोपहर मुखबिर से सूचना मिली कि घासीदास नगर मैदान में खड़ी एक सफेद रंग की पिकअप वाहन में अवैध मादक पदार्थ रखा गया है। सूचना मिलते ही जामुल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध वाहन को अपने कब्जे में लिया।

टायर के भीतर मिला नशे का जखीरा
वाहन की तलाशी के दौरान पुलिस को प्लास्टिक कैरेट के बीच रखे दो स्टेपनी टायर संदिग्ध लगे। इसके बाद ऑटो मिस्त्री को बुलाकर टायरों को खुलवाया गया। जांच में एक टायर के भीतर 16 पैकेट और दूसरे में 15 पैकेट गांजा छिपाकर रखा गया मिला। कुल 31 पैकेटों में भरा हुआ 15 किलो 500 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह तस्करी का बेहद सुनियोजित तरीका था। आरोपियों ने गांजे को इस तरह छिपाया था कि सामान्य जांच में उसका पता लगाना मुश्किल हो

तीन युवक गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वाहन में सवार तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में आकाश जांगड़े (18), मुकेश कुमार सेन (22) और टिकेश्वर यादव (18) शामिल हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों के खिलाफ मादक पदार्थ की तस्करी और अवैध परिवहन के साक्ष्य मिले हैं।
17.72 लाख की संपत्ति जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15.5 किलो गांजा, पिकअप वाहन, चार मोबाइल फोन और दो हजार रुपए नकद जब्त किए हैं। जब्त सामग्री का कुल मूल्य लगभग 17 लाख 72 हजार रुपए बताया गया है। जामुल थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

नशे के नेटवर्क की तलाश जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर खपाने की तैयारी थी। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

