छत्तीसगढ़ की राजनीति में सोशल मीडिया अब नया रणक्षेत्र बनता जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री और एआईसीसी महासचिव Bhupesh Baghel से जुड़ी कथित फर्जी और फोटोशॉप सामग्री के प्रसारण को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। दुर्ग ग्रामीण, दुर्ग शहर और भिलाई शहर कांग्रेस के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) अध्यक्ष राकेश ठाकुर, दुर्ग शहर अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल और भिलाई शहर अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कुछ कथित पत्रकारों और यूट्यूबरों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सुनियोजित तरीके से भ्रामक, फर्जी और संपादित सामग्री प्रसारित कर भूपेश बघेल की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

केवल बीएनएस की धारा नहीं, आईटी एक्ट भी जोड़ने की मांग
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मामले में केवल भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(2) के तहत कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। यदि डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध हैं तो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत भी प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए। राकेश ठाकुर ने मांग की कि पूरे मामले की साइबर विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में तकनीकी जांच कराई जाए। फर्जी सामग्री तैयार करने, संपादित करने और प्रसारित करने वाले सभी व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

पाटन की राजनीति से भी जुड़ रहे तार
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल सोशल मीडिया दुष्प्रचार तक सीमित नहीं है। हाल ही में पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़ी चुनाव याचिका पर हाईकोर्ट द्वारा नियमित सुनवाई का रास्ता साफ होने के बाद प्रदेश की राजनीति में भूपेश बघेल फिर केंद्र में आ गए हैं। ऐसे समय में सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री को कांग्रेस राजनीतिक रूप से प्रेरित अभियान के रूप में देख रही है। कांग्रेस का आरोप है कि विपक्षी राजनीतिक ताकतें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर जनमत को प्रभावित करने और विपक्षी नेताओं की साख को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं।

डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने की मांग
ज्ञापन में पुलिस प्रशासन से यह भी आग्रह किया गया है कि जांच पूरी होने तक सभी डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए, ताकि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना समाप्त हो और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके। धीरज बाकलीवाल और मुकेश चंद्राकर ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन फर्जी सामग्री बनाकर किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना और समाज में भ्रम फैलाना गंभीर अपराध है।

राजनीतिक संदेश भी साफ
कांग्रेस का यह कदम केवल कानूनी कार्रवाई की मांग नहीं बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है। पार्टी स्पष्ट संकेत देना चाहती है कि भूपेश बघेल को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे किसी भी कथित दुष्प्रचार अभियान का जवाब अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर दिया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस प्रशासन से मामले में त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई कर जनता का विश्वास बनाए रखने की मांग की है। इस दौरान राम सूर्यवंशी, सुमित नारंग, सुमित घोष, आनंद कपूर ताम्रकार, गौरव उमरे, मोहित वालदे, आयुष शर्मा और अनमोल जैन सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
