नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन जहां जिले के कई स्कूलों में किताबों, गणवेश, ऑनलाइन उपस्थिति ऐप और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याएं सामने आईं, वहीं शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दुर्ग के बघेरा हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में स्मार्ट शिक्षा और तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था का संदेश दिया।

कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री ने विद्यालय में स्थापित स्मार्ट क्लास एवं प्रिंट रिच वातावरण का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा अब केवल किताबों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि तकनीक, नवाचार और व्यवहारिक ज्ञान के माध्यम से विद्यार्थियों के समग्र विकास का आधार बन रही है। स्मार्ट क्लास के जरिए बच्चों को डिजिटल कंटेंट, वीडियो और इंटरैक्टिव शिक्षण सामग्री उपलब्ध होगी, जिससे पढ़ाई अधिक रोचक और प्रभावी बनेगी। मंत्री ने कहा कि विद्यालय परिसर में विकसित प्रिंट रिच वातावरण बच्चों की भाषा दक्षता, रचनात्मकता और सीखने की क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगा। शैक्षणिक चार्ट, प्रेरक संदेश और विषय आधारित सामग्री बच्चों को निरंतर सीखने का अवसर प्रदान करेगी।

नवप्रवेशी बच्चों का किया स्वागत
प्रवेश उत्सव के दौरान शिक्षा मंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल सहित विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं मिठाई खिलाकर स्वागत किया। इस दौरान बच्चों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों और गणवेश का वितरण भी किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, सरस्वती वंदना और गुरुमंत्र का सामूहिक उच्चारण किया तथा नियमित अध्ययन, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।

दूसरी तरफ व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
हालांकि प्रवेश उत्सव के सरकारी आयोजनों के बीच जिले के कई स्कूलों में पहले ही दिन ऑनलाइन उपस्थिति ऐप के ठप पड़ने, पुस्तकों के अधूरे वितरण, गणवेश नहीं पहुंचने और पेयजल संकट जैसी समस्याओं की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे में स्मार्ट क्लास और डिजिटल शिक्षा के दावों के साथ-साथ जमीनी स्तर पर बुनियादी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की चुनौती भी शिक्षा विभाग के सामने बनी हुई है। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी अरविन्द मिश्रा, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
