शिक्षकों की लंबे समय से लंबित पदोन्नति, वरिष्ठता सूची और सेवा संबंधी समस्याओं को लेकर सहायक शिक्षक फेडरेशन एक बार फिर सक्रिय हो गया है। संगठन के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रांतीय उपाध्यक्ष देवेंद्र हरमुख के नेतृत्व में दुर्ग में संयुक्त संचालक (शिक्षा) के.व्ही. राव से मुलाकात कर शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा और त्वरित कार्रवाई की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वर्षों से लंबित विभागीय प्रक्रियाओं के कारण हजारों शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। वरिष्ठता सूची जारी नहीं होने और पदोन्नति प्रक्रिया में देरी से शिक्षकों के कैरियर विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया
फेडरेशन ने संयुक्त संचालक के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें वरिष्ठता सूची का शीघ्र प्रकाशन, पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी, मिडिल स्कूल प्रधानाध्यापक पदों पर रुकी पदोन्नति शुरू करना, उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक शिक्षकों को अनुमति देना तथा टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों की सेवा पुस्तिका में आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज कराना शामिल है। संगठन का कहना है कि इन मांगों का संबंध सीधे शिक्षकों के सेवा हितों और भविष्य से जुड़ा है, इसलिए इनका शीघ्र समाधान किया जाना आवश्यक है।

पदोन्नति में देरी से बढ़ रही नाराजगी
शिक्षक संगठनों का आरोप है कि विभागीय स्तर पर लंबित प्रक्रियाओं के कारण कई शिक्षक वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। विशेष रूप से मिडिल स्कूल प्रधानाध्यापक पदों पर पदोन्नति नहीं होने से शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है। वहीं वरिष्ठता सूची जारी नहीं होने से आगे की प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
जेडी ने दिया सकारात्मक आश्वासन
संयुक्त संचालक के.व्ही. राव ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों का परीक्षण कर यथाशीघ्र समाधान की दिशा में पहल की जाएगी।

बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे मौजूद
मुलाकात के दौरान प्रांतीय उपाध्यक्ष देवेंद्र हरमुख, दुर्ग जिलाध्यक्ष कृष्णा वर्मा, खैरागढ़ जिलाध्यक्ष रामलाल साहू, छुईखदान ब्लॉक अध्यक्ष टीका देशमुख, दुर्ग ब्लॉक अध्यक्ष सतीश चंद्राकर, धमधा ब्लॉक अध्यक्ष उत्तम ठाकुर सहित संगठन के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
शिक्षा विभाग पर बढ़ेगा दबाव
शिक्षक फेडरेशन की इस पहल के बाद अब निगाहें शिक्षा विभाग पर टिकी हैं। यदि वरिष्ठता सूची और पदोन्नति जैसे मुद्दों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आने वाले समय में शिक्षक संगठनों का आंदोलन तेज हो सकता है। फिलहाल शिक्षकों को विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई का इंतजार है।

