Sensational: Royal Academy School jeopardizes children's health, serves 'poison' at annual function
दुर्ग: ग्राम पउवारा स्थित रॉयल एकेडमी स्कूल में आयोजित वार्षिक उत्सव उस समय हंगामे और आक्रोश में बदल गया, जब स्कूल प्रबंधन की एक बड़ी और जानबूझकर की गई लापरवाही सामने आई। स्कूल प्रशासन पर आरोप है कि उन्होंने बच्चों को एक्सपायरी डेट (समाप्ति अवधि) के खाद्य पदार्थ और जहरीले मसाले से बना भोजन परोसा।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता कमलेश्वर कुमार नेताम (निवासी जंजगिरी) ने बताया कि 10 फरवरी 2026 को वे अपने बच्चे के साथ स्कूल के वार्षिक उत्सव में शामिल होने गए थे। वहां स्कूल के भीतर लगाए गए स्टालों पर चिप्स, बिस्किट, चॉकलेट और कुरकुरे बेचे जा रहे थे। जब सामान की जांच की गई, तो पता चला कि वे सभी एक्सपायरी हो चुके थे।

हिंदू जागरण मंच के प्रफुल्ल पटेल ने बताया कि ग्राम पउवारा दुर्ग के रायल एकेडमी स्कूल जिसका मालिक एक मुस्लिम है वह अपने स्कूल के वार्षिक उत्सव में बच्चों को एक्सपायरी हो चुके कुरकुरे चिप्स चॉकलेट कोल्ड ड्रिंक आदि बेच रहा था। स्कूल में जो भोजन बना था उसमें उपयोग किया गया मसाला तेल आदि भी एक्सपायरी हो चुका था। गांव वालों को जानकारी होने पर हिंदू जागरण मंच को सूचना दी गई वहां जाकर देखने पर गांव वालों की शिकायत सही पाई गई। इसके पश्चात पुलिस को बुलाकर स्कूल प्रबंधक अकरम कुरैशी और उसके स्टाफ गुल शरीफ के विरुद्ध नाम जद रिपोर्ट दर्ज करा कर उन्हें गिरफ्तार करवाया गया।
प्रबंधन की दबंगई: “हम जहर दें, तुम्हें क्या?”
जब ग्रामीणों और पालकों ने इसका विरोध किया, तो स्कूल प्रबंधक अकरम और गुल शरीफ ने कथित तौर पर संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दीं। पालकों का आरोप है कि प्रबंधन ने बहस के दौरान कहा— “हमारा स्कूल है, हम जो चाहें करेंगे। हम बच्चों को जहर दें, तुम्हें क्या करना है?”

पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे
सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने जब मौके की तलाशी ली, तो हड़कंप मच गया:
- डस्टबिन में सबूत: कूड़ेदान में फेंके गए लेस चिप्स, कुरकुरे, मंच और किटकैट के रैपर्स पर एक्सपायरी डेट स्पष्ट रूप से अंकित थी।
- रसोई में मिला ‘जहर’: पुलिस ने पाया कि बच्चों के लिए बन रहे मुख्य भोजन में भी एक्सपायरी डेट वाले मसालों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
- पीड़ित बच्चे: कमलेश्वर नेताम के अलावा ओम प्रकाश देशमुख, खेमेंद्र कुमार हिरवानी, संदीप कुमार साहू और सूरज हिरवानी के बच्चों ने भी इन जहरीले पदार्थों का सेवन किया है।
कानूनी कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने और स्कूल का लाइसेंस रद्द करने की मांग की है। खाद्य सुरक्षा विभाग को भी इस मामले में हस्तक्षेप कर सैंपल्स की जांच करने के लिए सूचित किया गया है।