दुर्ग | भारती विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से शिकायत की है। छात्रों का कहना है कि प्रवेश के समय दी गई जानकारी और वर्तमान स्थिति में काफी अंतर है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

📌 मुख्य आरोप:
छात्रों के अनुसार, एडमिशन के समय प्रति सेमेस्टर ₹35,000 फीस तय बताई गई थी, लेकिन बाद में इसमें बढ़ोतरी कर दी गई। इसके अलावा, फीस जमा करने के बाद भी बार-बार अतिरिक्त शुल्क मांगा जा रहा है, जिसे छात्र “डबल चार्जिंग” बता रहे हैं।
कॉलेज द्वारा अचानक फीस वृद्धि करने और छात्रों को अधिक छात्रवृत्ति मिलने का हवाला देने को भी छात्रों ने गलत ठहराया है। उनका कहना है कि छात्रवृत्ति मिलने के बावजूद उनसे पूरा शुल्क वसूला जा रहा है।

📊 उपस्थिति और परीक्षा को लेकर भी विवाद:
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि 75% से कम उपस्थिति होने पर उन्हें परीक्षा से वंचित करने की चेतावनी दी जा रही है, जबकि कई मामलों में उपस्थिति सही होने के बावजूद दबाव बनाया जा रहा है।
😟 मानसिक दबाव और भविष्य पर असर:
लगातार फीस का दबाव और प्रबंधन का रवैया छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। छात्रों का कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो सकता है।

📢 प्रशासन से मांग:
छात्रों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने, अवैध रूप से ली गई फीस वापस कराने, और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है।
साथ ही, छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे उच्च स्तर पर शिकायत करने के लिए बाध्य होंगे।