नगर पालिक निगम दुर्ग ने शहर के कायाकल्प की तैयारी तेज कर दी है। लोक कर्म प्रभारी देवनारायण चंद्राकर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में शहर के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी है।
बैठक में शहर के जल निकासी तंत्र को सुधारने के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया गया। वार्ड 31, 34 और 35 के निवासियों को बड़ी राहत देते हुए वर्धमान धर्मशाला से सरस्वती नगर होते हुए नदी रोड तक 2 किलोमीटर लंबे नाले के निर्माण को स्वीकृति दी गई। इसकी अनुमानित लागत 1.20 करोड़ रुपये तय की गई है। महापौर के निर्देशों का पालन करते हुए समिति ने शंकर नगर नाले के स्वरूप को बदलने का निर्णय लिया। नाले के किनारे रिटर्निंग वॉल और साइड से एप्रोच रोड का निर्माण किया जाएगा। नाले की नियमित सफाई के साथ-साथ मार्ग में आने वाले अतिक्रमण को सख्ती से हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
नदी तट और मुक्तिधाम का होगा विकास
बैठक में नदी तट से जुड़े क्षेत्रों के लिए विशेष कार्ययोजना को हरी झंडी दी गई। इसमें शिवनाथ नदी से राजनांदगांव रोड तक एप्रोच रोड का निर्माण, मुक्तिधाम में सुगम रास्ता (एप्रोच रोड) बनाना, मुक्तिधाम के पास आम जनता की सुविधा के लिए सर्वसुलभ शौचालय का निर्माण और गंजपारा चौक से पुलगांव नाले तक 500 मीटर आरसीसी नाली व पुलिया निर्माण शामिल है।
तालाबों का होगा सौंदर्यीकरण
दुर्ग के ऐतिहासिक और पारंपरिक तालाबों को बचाने के लिए निगम अब ठोस कदम उठाएगा। शहर के समस्त वार्डों में स्थित तालाबों के संरक्षण और उनके सौंदर्यीकरण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी है, ताकि शहर की वाटर बॉडीज को पुनर्जीवित किया जा सके। बैठक में लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चंद्राकर के साथ समिति सदस्य कुलेश्वर साहू, आशीष चंद्राकर, कमल देवांगन, गुलाब वर्मा, लोकेश्वरी ठाकुर, सरस निर्मलकर उपस्थित थे।