नगर पालिक निगम दुर्ग अब राजस्व वसूली के मामले में बेहद सख्त और हाईटेक होने जा रहा है। गुरुवार को राजस्व समिति की बैठक में प्रभारी चंद्रशेखर चंद्राकर की अध्यक्षता में कई बड़े फैसले लिए गए। अब दुर्ग के सभी 60 वार्डों में रायपुर की तर्ज पर डिजिटल डोर नंबरिंग की जाएगी और लंबे समय से टैक्स दबाए बैठे रसूखदारों को नेम एंड शेम पॉलिसी के तहत बेनकाब किया जाएगा।
निगम अब शहर के हर मकान और दुकान को एक यूनिक डिजिटल नंबर देगा। इस आधुनिक कर प्रणाली से न केवल टैक्स चोरी रुकेगी, बल्कि निगम के पास हर संपत्ति का सटीक डेटा होगा। इससे पारदर्शिता आएगी और नागरिकों को भी टैक्स प्रबंधन में आसानी होगी। बैठक में राजस्व बढ़ाने के लिए कड़े कदम उठाते हुए निर्णय लिया गया। जिसके मुताबिक शहर के उन 10 बड़े रसूखदारों के नाम समाचार पत्रों में प्रकाशित किए जाएंगे, जिन्होंने लंबे समय से टैक्स नहीं भरा है। बड़े बकायादारों से सख्ती से निपटने के लिए एक विशेष टीम बनाई जाएगी। शासन द्वारा राजपत्र में जारी नई ट्रेड लाइसेंस दरों को भी यथावत लागू करने पर मुहर लगी।
अनुकंपा नियुक्ति वाले कर्मचारी संभालेंगे मोर्चा
वसूली के ग्राफ को 100 फीसदी तक ले जाने के लिए निगम ने कर्मचारियों की कमी को दूर करने का मास्टर प्लान बनाया है। हाल ही में हुई अनुकंपा नियुक्तियों में से 12वीं पास योग्य युवाओं को सीधे वसूली कार्य में उतारा जाएगा, जबकि अन्य कर्मचारियों को नोटिस वितरण की जिम्मेदारी दी जाएगी।
बैठक में मौजूद रहे समिति के सदस्य
राजस्व को सुदृढ़ करने के इस मंथन बैठक में विजयंत पटेल, कुलेश्वर साहू, ललिता ठाकुर, गोविंद देवांगन, बबिता यादव, जीतू महोबिया, कमल देवांगन, रामचंद्र सिंह, सविता साहू, जितेंद्र कुमार सहित राजस्व अधिकारी आरके बोरकर और सहायक राजस्व अधिकारी थाना सिंह यादव प्रमुख रूप से उपस्थित थे।