राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि (30 जनवरी) पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शराब दुकानें खुली रखने के फैसले ने सियासी पारा गरमा दिया है। शुक्रवार को दुर्ग में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के इस कदम को गांधीवादी विचारधारा का अपमान बताते हुए आबकारी विभाग के कार्यालय का जोरदार घेराव किया।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस ने सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल उठाए। बाकलीवाल ने कहा कि महात्मा गांधी ने अपना पूरा जीवन नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। उनकी पुण्यतिथि पर शराब की बिक्री की अनुमति देना न केवल उनके मूल्यों का अपमान है, बल्कि यह सरकार की नकारात्मक सोच को भी उजागर करता है।
चरणबद्ध आंदोलन के लिए रहें तैयार
कांग्रेस नेताओं ने आबकारी विभाग के बाहर जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि गांधी जी के सपनों के भारत में नशे के लिए कोई स्थान नहीं है, लेकिन वर्तमान सत्ता ने मर्यादाओं को ताक पर रख दिया है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि इस तरह के संवेदनशील दिनों पर शराब बंदी जैसे निर्णय नहीं लिए गए, तो आने वाले समय में उग्र और चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
इन दिग्गजों ने संभाला मोर्चा
घेराव के दौरान संजय कोहले, ब्लॉक अध्यक्ष अल्ताफ अहमद, गुरदीप भाटिया, मनीष बघेल, पार्षद दीपक साहू, ज्ञानदास बंजारे, भास्कर कुंडले, अब्दुल गनी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पार्षद मौजूद रहे। बता दें कि आमतौर पर महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि पर ड्राई डे घोषित किया जाता है। इस बार दुकानें खुली रहने के कारण लोगों और सामाजिक संगठनों के बीच भी चर्चाओं का बाजार गर्म है।