दुर्ग जिला अस्पताल में ऑपरेशन के बाद दो महिलाओं की मौत के मामले में राजनीति शुरू हो गई है। सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित टीम जांच के लिए मृतकों के घर पहुंची। टीम ने यहां परिजनों से बात की और बाद में जिला अस्पताल पहुंचकर अधिकारियों ने जानकारी जुटाई। जांच के बाद टीम के सदस्यों ने मामले में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही और सरकार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को जिम्मेदार बताया।
जिला अस्पताल में दो महिलाओं पूजा यादव (27) और किरण यादव (30) की मौत हो गई थी। मामला उजागर होने के बाद कांग्रेस ने इस घटना की खुद जांच का ऐलान किया था। इसी के तहत पूर्व मंत्री अनिला भेंडिया के नेतृत्व में टीम बनाई गई है। पूर्व मंत्री भेंडिया के साथ टीम में शामिल पूर्व विधायक अरुण वोरा, विधायक संगीता सिन्हा और पूर्व महापौर नीता लोधी को शामिल किया गया है। टीम के सदस्यों ने सोमवार को पहले सिकोला भाठा पहुँचकर किरण यादव के परिवार से मुलाकात की। इसके बाद बजरंग नगर में पूजा यादव के परिजनों से चर्चा की।
परिजनों ने कहा लापरवाही
इस दौरान परिजनों ने बताया कि दोनों महिलाएं ऑपरेशन से पहले पूरी तरह स्वस्थ थीं, लेकिन ऑपरेशन के बाद उनका शरीर नीला पड़ गया। परिजनों का आरोप है कि दोपहर 12:30 बजे ऑपरेशन हुआ, लेकिन किसी भी तरह की जानकारी उन्हें नहीं दी गई, और बाद में डॉक्टरों ने सिफऱ् मौत की सूचना देकर पल्ला झाड़ लिया।
अस्पताल में स्टॉफ की कमी
परिजनों से मिलने के बाद कांग्रेस की जांच टीम के सदस्य जिला अस्पताल पहुंचे। जहाँ सिविल सर्जन, स्वास्थ्य अधिकारियों और जिला प्रशासन के अफसरों से जानकारी जुटाई गई। इस दौरान बताया गया कि अस्पताल में 500 बिस्तरों के मुकाबले सिफऱ् 116 नर्स, 11 डॉक्टर और 50 बॉन्डेड डॉक्टर तैनात हैं। यहां स्टाफ की भारी कमी है।