मध्यप्रदेश में गुणवत्ता परीक्षण में दवा के तीन बैच अमानक पाए जाने के बाद दवा निर्माता कंपनी यूनीक्योर इंडिया लिमिटेड (Unicure India Ltd.) को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। कंपनी ने स्वयं इसकी जानकारी छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कारपोरेशन लिमिटेड (CGMSC) को दी है। इसके बाद निगम ने स्पष्ट किया है कि संबंधित फर्म को कोई नया दर अनुबंध या नया क्रयादेश जारी नहीं किया जाएगा।
CGMSC से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कारपोरेशन लिमिटेड, भोपाल ने 8 मई 2026 को Lactulose Solution IP 10 gm/15 ml (100 ml bottle) के तीन बैच शासकीय प्रयोगशालाओं में गुणवत्ता परीक्षण के दौरान अमानक पाए जाने पर कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था।

पहले ही ब्लॉक हो चुका था अनुबंध
CGMSC अधिकारियों के मुताबिक इसी दवा के एक बैच को पहले भी मध्यप्रदेश में प्रोडक्ट ब्लैकलिस्टिंग का सामना करना पड़ा था। इसके आधार पर छत्तीसगढ़ में इस दवा से जुड़े दर अनुबंध को नियमानुसार ब्लॉक कर संबंधित क्रयादेश निरस्त कर दिए गए थे।
यहां वितरित दवाएं गुणवत्ता मानकों पर खरी
निगम ने स्पष्ट किया है कि यूनीक्योर इंडिया लिमिटेड द्वारा छत्तीसगढ़ में आपूर्ति की गई दवाओं का परीक्षण CGMSC की अनुबंधित NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में कराया गया था, जहां दवाएं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाई गईं। इसी वजह से उनका वितरण स्वास्थ्य संस्थानों में किया गया।

हाईकोर्ट पहुंची कंपनी
कंपनी ने ब्लैकलिस्टिंग आदेश को चुनौती देते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर में याचिका दायर की है। मामले की सुनवाई 10 जून 2026 को निर्धारित की गई है। CGMSC ने कहा है कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नई खरीद पर रोक
CGMSC ने कहा कि ब्लैकलिस्टिंग की सूचना मिलने के बाद से कंपनी के साथ कोई नया दर अनुबंध नहीं किया गया है और न ही कोई नया क्रयादेश जारी हुआ है। यह निर्णय निगम की गुणवत्ता आधारित खरीद नीति और दवा नियामक मानकों के अनुरूप लिया गया है।

निगम का दावा
छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कारपोरेशन ने दोहराया है कि राज्य में दवा खरीद और वितरण की पूरी प्रक्रिया गुणवत्ता मानकों पर आधारित है। किसी भी दवा को आम जनता तक पहुंचाने से पहले विधिसम्मत गुणवत्ता परीक्षण कराया जाता है और संतोषजनक रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्वास्थ्य केंद्रों को आपूर्ति की जाती है।