प्रदेश में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही डीएपी, खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर किसानों की चिंताएं बढ़ रही हैं। कई जिलों से खाद की कमी और वितरण में अव्यवस्था की शिकायतें सामने आने के बीच अब कांग्रेस ने इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से भुनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी रणनीति के तहत प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पाटन विधायक भूपेश बघेल सोमवार 15 जून को पाटन विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न सेवा सहकारी समितियों का दौरा कर किसानों से सीधे संवाद करेंगे। कांग्रेस के जिला ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर भी इस दौरे में उनके साथ रहेंगे। दोनों नेता सोमनी से लेकर रानीतराई तक 10 सहकारी समितियों का निरीक्षण करेंगे और किसानों से डीएपी, खाद एवं बीज की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और संभावित संकट की जानकारी लेंगे।

खाद संकट के बहाने सरकार पर दबाव की तैयारी
राजनीतिक जानकारों की मानें तो यह दौरा केवल कृषि व्यवस्था का जायजा लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए कांग्रेस भाजपा सरकार को किसानों के मुद्दे पर घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। प्रदेश के कई हिस्सों से खाद की कमी और वितरण में अनियमितता की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में कांग्रेस इसे किसानों के असंतोष से जोड़कर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश में है। भूपेश बघेल का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब कांग्रेस संगठन गांव-गांव तक पहुंचने के लिए संगठन सृजन अभियान भी चला रही है। इसलिए इस दौरे को किसान संवाद के साथ-साथ संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की कवायद के रूप में भी देखा जा रहा है।

पाटन में बढ़ेगी राजनीतिक सरगर्मी
पाटन विधानसभा भूपेश बघेल का राजनीतिक गढ़ माना जाता है। यहां किसान और सहकारी समितियां हमेशा से चुनावी राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र रही हैं। ऐसे में समितियों के माध्यम से किसानों के बीच सीधा संवाद कांग्रेस को ग्रामीण क्षेत्रों में नई ऊर्जा दे सकता है। भाजपा जहां केंद्र और राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का प्रचार कर रही है, वहीं कांग्रेस खाद और बीज की उपलब्धता जैसे जमीनी मुद्दों को उठाकर सरकार को घेरने का प्रयास कर रही है। ऐसे में पाटन में शुरू हुई यह राजनीतिक हलचल आने वाले दिनों में प्रदेशव्यापी किसान राजनीति का संकेत भी मानी जा रही है।
यह रहेगा दौरा कार्यक्रम
सोमनी – 12:00 बजे
पहंडोर – 12:30 बजे
सेलूद – 01:00 बजे
फेंकारी – 01:30 बजे
गाड़ाडीह – 02:00 बजे
कुम्हली – 02:30 बजे
जामगांव (आर) – 03:00 बजे
बेल्हारी – 03:30 बजे
निपानी – 04:00 बजे
रानीतराई – 04:30 बजे

राजनीतिक संदेश स्पष्ट
कांग्रेस इस दौरे के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि वह किसानों की समस्याओं को लेकर मैदान में है, जबकि भाजपा सरकार पर कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ेगा। खाद संकट का यह मुद्दा आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति का नया केंद्र बन सकता है, जिसकी पहली बड़ी झलक सोमवार को पाटन विधानसभा में देखने को मिलेगी।