प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चलाए जा रहे 12 साल बेमिसाल अभियान के तहत भाजपा किसान मोर्चा ने दुर्ग में किसानों के बीच जैविक और प्राकृतिक खेती को लेकर बड़ा जागरूकता अभियान चलाया। कृषि विज्ञान केंद्र अंजोरा में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में भाजपा नेताओं ने खेती को लाभकारी, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए रासायनिक खेती से आगे बढ़कर प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद विजय बघेल ने कहा कि आने वाले समय में कृषि की सबसे बड़ी चुनौती मिट्टी की उर्वरता और किसानों की लागत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर देशभर में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ स्वस्थ खाद्यान्न उत्पादन को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।
पीढ़ियों को बचाने का माध्यम है जैविक खेती
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक ठाकुर ने कहा कि अधिक उत्पादन की होड़ में रासायनिक उर्वरकों के बढ़ते उपयोग ने मिट्टी, जल और मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाला है। उन्होंने किसानों से जैविक खाद और प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग को बढ़ाने का आग्रह करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों और धरती को सुरक्षित रखने के लिए जैविक खेती आवश्यक है।
दी गई आधुनिक तकनीकों की जानकारी
कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक खाद निर्माण, मिट्टी की उर्वरता संरक्षण, कम लागत वाली कृषि तकनीकों तथा जैविक उत्पादों की बाजार संभावनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। किसानों ने भी प्राकृतिक खेती को अपनाने और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने का संकल्प लिया।
गिनाईं केंद्र सरकार की कृषि उपलब्धियां
जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने कहा कि जैविक खेती न केवल उत्पादन लागत घटाती है बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी प्रभावी माध्यम है। वहीं दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि कृषि क्षेत्र के दीर्घकालीन विकास के लिए जैविक खेती आज समय की जरूरत बन चुकी है।
जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में कृषि क्षेत्र की बड़ी भूमिका होगी और इसके लिए टिकाऊ खेती मॉडल अपनाना जरूरी है।