दुर्ग। गंजपारा स्थित श्री सत्तीचौरा माँ दुर्गा मंदिर में चैत्र नवरात्र पर्व और मंदिर के 16वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर आस्था और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यह दुर्ग का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां पूरे नौ दिनों तक प्रतिदिन कन्या पूजन और कन्या भोज का आयोजन किया जा रहा है।

19 मार्च से 27 मार्च तक चल रहे इस आयोजन में हर दिन दोपहर 12 बजे लगभग 150 से अधिक कन्या माताओं का विधिवत पूजन कर उन्हें भोजन कराया जा रहा है। इससे पहले सुबह 9 बजे माता दुर्गा का अभिषेक किया जाता है। खास बात यह है कि विभिन्न स्कूलों और वार्डों से कन्याओं को बाजे-गाजे के साथ 108 फीट लंबी चुनरी के नीचे ससम्मान मंदिर लाया जाता है।
समिति के सदस्यों सुरेश गुप्ता और सुजल शर्मा के अनुसार, कन्या पूजन के बाद सभी बेटियों को पायल जैन (महिला कैट अध्यक्ष) द्वारा शिक्षण सामग्री जैसे बैग, पानी की बोतल, टिफिन, ड्राइंग बुक, पेन, कॉपी सहित उपयोगी सामग्री और फल भेंट किए जा रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य बेटियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और समाज में उनके महत्व को बढ़ावा देना है।

🎉 भव्य पालकी यात्रा का होगा आयोजन
नवरात्र के इस पावन अवसर पर 22 मार्च को शाम 4 बजे माँ दुर्गा की भव्य पालकी यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों—गंजपारा, शनिचरी बाजार, गांधी चौक, सदर बाजार, इंदिरा मार्केट, कंकालिन चौक होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंचेगी। शोभायात्रा में छत्तीसगढ़ी संस्कृति से सजी झांकियां, बैंड-बाजे, रथ और घोड़ा-बग्गी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

🙏 आस्था और सहभागिता का केंद्र बना मंदिर
सत्तीचौरा माँ दुर्गा मंदिर, जिसकी स्थापना वर्ष 2010 में हुई थी, आज शहर में आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां चारों नवरात्रों में नियमित रूप से कन्या पूजन और कन्या भोज की परंपरा निभाई जाती है। इस वर्ष पूजा-अर्चना यजमान प्रज्ञा-राहुल शर्मा द्वारा की जा रही है, वहीं मुख्य पुजारी पं. सुनील पांडेय, आचार्य डॉ. विक्रांत दुबे और आचार्य डॉ. आकाश दुबे के मार्गदर्शन में सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हो रहे हैं।
आयोजन में शहर के अनेक धर्मप्रेमी, समाजसेवी और समिति के सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्ति, सेवा और उत्साह से सराबोर है।
