Seven-day Faculty Upgradation Program (FDP) launched at Patankar Girls College
दुर्ग। शासकीय डॉ. वा. वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग में दिनांक 18 फरवरी से ‘लैंगिक समानता के राजदूत के रूप में संकाय सदस्यों का उन्नयन’ विषय पर सात दिवसीय फेकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का भव्य आगाज हुआ।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, दुर्ग नगर निगम की महापौर अल्का बाघमार ने अपने संबोधन में कहा कि लैंगिक समानता का वास्तविक उद्देश्य उन सामाजिक और ढांचागत बाधाओं को खत्म करना है, जो महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक अवसरों का लाभ उठाने से रोकती हैं। विशिष्ट अतिथि और जनभागीदारी अध्यक्ष प्रीति साहू ने कार्यस्थल पर सुधारों पर जोर देते हुए कहा कि क्रेच सुविधा, मातृत्व राहत और विशेष आरक्षण योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाया जा सकता है।

मुख्य वक्ता डॉ. प्रीति शर्मा (प्राचार्य, बीरगांव कॉलेज) ने ‘अकादमिक क्षेत्र में लैंगिक पूर्वाग्रहों’ पर व्याख्यान देते हुए स्पष्ट किया कि सामाजिक और राजनीतिक विकास पूरी तरह लैंगिक समानता पर टिका है। वहीं, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रंजना श्रीवास्तव ने इसे एक प्रगतिशील समाज की अनिवार्य नींव बताया।

विशेष आकर्षण: पुस्तक विमोचन एवं सम्मान
कार्यक्रम की संयोजक डॉ. रेशमा लाकेश की पुस्तक ‘तनाव प्रबंधन’ का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। डॉ. लाकेश ने कहा कि लैंगिक समानता केवल महिलाओं का मुद्दा नहीं, बल्कि एक समावेशी भविष्य के लिए निवेश है।
इस अवसर पर सुप्रसिद्ध समाजसेवी पद्मश्री फूलबासन बाई यादव को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

अतिथियों का परिचय डॉ. सुषमा यादव ने दिया। कार्यक्रम में डॉ. मीरा गुप्ता, डॉ. के. एल. राठी, डॉ. मीनाक्षी अग्रवाल सहित समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी और छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. मिलिंद अमृतफले ने किया व आभार प्रदर्शन डॉ. यशेश्वरी ध्रुव द्वारा किया गया।