दुर्ग नगर पालिक निगम में नियमों के विपरीत अनुकंपा नियुक्ति के मामले में दो महिला कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। निगम आयुक्त सुमीत अग्रवाल ने जांच में परिवार में पहले से ही सरकारी सेवा के बाद भी अनुकंपा नियुक्ति पाए जाने पर यह कार्रवाई की है। मामले में सहायक राजस्व निरीक्षक प्रीति उज्जैनवार और भूत्य नम्रता रक्सेल की सेवा समाप्त की गई हैं।
नगर निगम से मिली जानकारी के मुताबिक इस संबंध में उन्हें पूर्व में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जिसमें कर्मियों के जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए थे। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम के तहत दोनों को निलंबित करने विभागीय जांच भी कराई गई। जांच में गड़बड़ी प्रमाणित होने पर दोनों को पक्ष रखने का अवसर दिया गया। जांच में दोनों की नियुक्तियां प्रथम दृष्टया शासन के अनुकम्पा नियुक्ति संबंधी नियमों के विपरीत पाई गई। अनुकम्पा नियुक्ति के लिए शासन के 2013 के एकजाई निर्देश तथा 29 अगस्त 2016 के परिपत्र की कंडिका 6 (अ) का खुला उल्लंघन पाया गया। कंडिका 6 (अ) के अनुसार दिवंगत शासकीय सेवक के परिवार में यदि एक सदस्य पहले से ही शासकीय सेवा में है, तो किसी अन्य सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति का पात्र नहीं माना जा सकता, लेकिन जांच में दोनों मामलों में परिवार का सदस्य पहले से ही सरकारी सेवा में पाया गया, इसलिए नियुक्तियाँ नियम विरुद्ध घोषित कर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई।