The Yadav community and the victim's family submitted a memorandum demanding justice and compensation. They warned of taking to the streets if they were not granted a 15-day extension
दुर्ग। दुर्ग जिला अस्पताल में नसबंदी के दौरान दो महिलाओं की मौत हो गई, जिनकी पहचान पूजा यादव और किरण यादव के रूप में हुई है। दोनों महिलाओं की मौत के बाद यादव समाज ने 15 दिन में न्याय नहीं मिलने पर सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन
आज यादव समाज के पदाधिकारी एवं पीड़ित परिवार के लोगों ने जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मिलकर पीड़ित परिवार के लिए न्याय और मुआवजा की मांग की है। यादव समाज ने कहा है कि उनकी मृत्यु पर ज्यादा समाज दुखी एवं आकर्षित है इस प्रकार की लापरवाही पूर्वक किए गए कृत्य से दोनों परिवार की महिलाओं की जिंदगी समाप्त हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन रायपुर द्वारा जांच कमेटी ने भी इसे डॉक्टरों की इलापरवाही माना है।

मंत्री गजेंद्र यादव को समाज ने घेरा
समाज के लोगों ने मंत्री गजेंद्र यादव से भी मुलाकात की और उनसे भी कहा है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय और मुआवजा मिलना चाहिए समाज के द्वारा पीड़ित परिवारों को 50 50 लाख रुपए की मुवायजा राशि प्रदान करने की मांग किया गया है साथ ही प्रशासन और मंत्री को चेतावनी भी दिया गया है कि 15 दिवस के भीतर न्याय नहीं मिलता है तो पूरा यादव समाज सड़क पर उतरने बाध्य होगा।

गौरतलब हो कि 8 नवंबर को शासकीय जिला अस्पताल दुर्ग में लापरवाही पूर्वक किए गए नसबंदी के दौरान पूजा यादव पति विकास यादव उम्र 28 वर्ष वार्ड नंबर 34 बजरंग नगर दुर्ग निवासी और किरण यादव पति तेज प्रकाश यादव उम्र 30 वर्ष निवासी सिकोला भांठा की मौत हो गई। जिसका पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, दोनों महिलाओं की मौत आमाशय में पानी भर जाने से हुई है। जांच समिति की रिपोर्ट में दवा के रिएक्शन और आमाशय का पानी फेफड़ों में जाने की संभावना जताई गई है।

सिविल सर्जन डॉ. मिंज ने बताया कि सर्जरी के दौरान दोनों महिलाओं को झटके और अकड़न की शिकायत हुई थी। उन्हें तत्काल आईसीयू में भर्ती कर उपचार दिया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।