A village was trapped in the floods, 40 people were rescued, even after the bridge broke. How did the SDRF and NDRF teams work?
दुर्ग। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा मॉकड्रिल का आज आयोजन किया गया। जिसमें जिला कलॆक्टर के द्वारा एवं इंसीडेंट कमांडर ए.डी.एम के नेतृत्व में शिवनाथ नदी के तट पर एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ द्वारा गांव में बाढ़ आने की वजह से गाँव पर फंसे चालीस से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया गया, कुछ ग्रामीण पेड़ों में पानी के बहाव के कारण पेड़ों में फंसे थे जिन्हें रेस्क्यू किया , और पुल टूटने के दौरान किस तरह रेस्क्यू किया जाता है। मॉकड्रिल द्वारा प्रदर्शित किया गया जिसमें दुर्ग में पदस्थ प्रशासनिक अधिकारी पहुंचकर इस मॉड्रिल को सम्पूर्ण विधि से आयोजित किये।

जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी नागेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि मॉकड्रिल आयोजित करने के पीछे क्या कारण है
- जिला में अगर बाढ़ की स्थिति आती है तो किस प्रकार रेस्क्यू किया जाता
- नदी के बाहों के कारण पुल टूटने के द्वारा किस प्रकार इसकी किया जाता है
- प्राथमिक उपचार का जिला अस्पतालों में भेजा किस तरह जाता है
- बाढ़ बचाओ सेंटर में किस तरह उपचार किया जाता है
- एसडीआरएफ एनडीआरएफ द्वारा डिपडाइविंग एवं बोर्ड संचालन ।
मॉकड्रिल के द्वारा सारा कार्यक्रम आयोजित किया गया।
