युद्ध या हवाई हमले जैसी आपात स्थितियों में शहर की सुरक्षा कैसे होगी? इसी गम्भीर चुनौती से निपटने के लिए आज डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेंट कैंपस में नागरिक सुरक्षा (Civil Defense) का एक हाई-टेक मॉक ड्रिल आयोजित किया गया। सांसद विजय बघेल और कलेक्टर अभिजीत सिंह की मौजूदगी में हुए इस अभ्यास में एनसीसी, होमगार्ड और वालेंटियर्स ने ‘एयर रेड’ और ‘ब्लैकआउट’ के दौरान राहत कार्यों की रणनीतिक तैयारी को परखा।

सायरन बजते ही सक्रिय हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
मॉक ड्रिल की शुरुआत हवाई हमले के सायरन के साथ हुई। तत्काल पूरे क्षेत्र में ब्लैकआउट (पूर्ण अंधेरा) किया गया, जहाँ विशेषज्ञों ने सिखाया कि न्यूनतम रोशनी में भी अनुशासन और संचार व्यवस्था को कैसे सुदृढ़ रखा जाए। एसडीआरएफ (SDRF) के जवानों ने इस दौरान बहुमंजिला इमारतों में फंसे लोगों को रस्सी और स्ट्रेचर के जरिए सुरक्षित नीचे उतारने का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया।
आगजनी पर काबू और घायलों का उपचार
अभ्यास के दौरान युद्धस्तर पर बचाव कार्य किए गए। वालेंटियर्स ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षित आश्रय स्थलों के प्रबंधन का जिम्मा संभाला। हमले के बाद लगी आग पर अग्निशमन वाहनों ने तत्काल काबू पाया। घायलों को मलबे से निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया और एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुँचाया गया। सांसद विजय बघेल और कलेक्टर अभिजीत सिंह इस दौरान उपस्थित रहे।