छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के नेतृत्व में गुरुवार को बड़ी संख्या में किसानों ने कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर बिजली आपूर्ति, टावर लाइन के मुआवजे और नए विद्युत उपकेंद्र की मांग को लेकर दुर्ग स्थित बिजली विभाग (ईडी कार्यालय) का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने विभिन्न मांगों को अधिकारियों के समक्ष रखा, जिस पर विभागीय अधिकारियों ने चरणबद्ध समाधान का भरोसा दिलाया।

बैठक में ट्रांसमिशन विभाग के अधीक्षण अभियंता (ACE) पी.पी. सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि लिटिया में नव निर्मित 220/132 केवी विद्युत केंद्र से लिटिया, बोरी सहित आसपास के उपकेंद्रों को कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 33 केवी बिजली आपूर्ति प्रारंभ कर दी गई है, जिससे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था में सुधार होगा।
बैठक के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर उनकी अनुमति के बिना खेतों में विद्युत टावर लाइन खड़ी कर दी गई और नियमानुसार मुआवजा भी नहीं दिया गया। इस पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर भू-अर्जन अधिकारी को भेजा जाएगा।

किसानों ने दमोदा में प्रस्तावित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र के निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि ग्राम पंचायत द्वारा भूमि उपलब्ध कराने के बावजूद परियोजना को अब तक मंजूरी नहीं मिली है। इस पर परियोजना के मुख्य अभियंता (सीई) जामुलकर ने बताया कि शुक्रवार को रायपुर में होने वाली विभागीय बैठक में इस प्रस्ताव पर विचार कर निर्णय लिया जाएगा।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में बार-बार होने वाली बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याओं को लेकर भी किसानों ने अधिकारियों से चर्चा की। विभाग के एसीई मनोज और सीई तरुण ठाकुर ने भरोसा दिलाया कि ग्रामीण विद्युत आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के निराकरण को प्राथमिकता दी जाएगी।

इस अवसर पर दुर्ग ब्लॉक के दमोदा, खुर्सीडीह तथा धमधा ब्लॉक के हसदा सहित विभिन्न गांवों के प्रभावित किसान मौजूद रहे। इनमें मेहतर राम साहू, बसंत, नंदकिशोर, नरेंद्र साहू, तुकाराम, पंचराम, सहज कुमार, देवशरण, खेमचंद, केशव देशमुख, छगनलाल, प्रेमसुख, रोहित साहू, संतराम टंडन, भलेंद्र पटेल सहित छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे।

