शासकीय नवीन महाविद्यालय, रिसाली में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के तहत आयोजित दीक्षारंभ एवं इंडक्शन कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक एवं राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ललित चंद्राकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का तिलक और पुष्प भेंट कर स्वागत किया तथा उन्हें उच्च शिक्षा के नए सफर के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, राष्ट्रीय गीत और राज्य गीत के साथ हुआ। समारोह में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जबकि महाविद्यालय के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया गया।
अपने संबोधन में विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव का माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह नीति केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण पर विशेष जोर देती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “आज का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने। स्टार्टअप शुरू करें, नवाचार करें और अपने कौशल के माध्यम से दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें।”

विधायक ने भारतीय शिक्षा परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालय कभी विश्वभर के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान के प्रमुख केंद्र थे। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति उसी गौरवशाली परंपरा को आधुनिक स्वरूप में आगे बढ़ाने का प्रयास है।
उन्होंने राज्य सरकार की छात्रहित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि नियमित अध्ययन करने वाली पात्र छात्राओं को 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि आर्थिक कारणों से कोई भी बेटी उच्च शिक्षा से वंचित न रहे।

कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत विधायक ललित चंद्राकर ने महाविद्यालय परिसर में आम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष अनुपम साहू, मंडल महामंत्री नरेंद्र निर्मलकर, जिला मंत्री शैलेन्द्र सेंडे, जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष एवं पार्षद विधि यादव, पार्षद सरिता देवांगन, प्राचार्य डॉ. अनुपमा आस्थामा सहित जनप्रतिनिधि, शिक्षकों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

