छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों में अधिक कीमत पर बिक्री और अन्य अनियमितताओं के मामलों में आबकारी विभाग ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आबकारी उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, जबकि एक सहायक जिला आबकारी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा शासन को भेजी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराब दुकानों के संचालन में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को किसी भी स्थिति में नहीं बख्शा जाएगा।
आबकारी आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की रोहासी देशी कम्पोजिट शराब दुकान में अधिक कीमत पर शराब बेचने की शिकायत की जांच में गंभीर लापरवाही सामने आई। शिकायत के अनुरूप कार्रवाई नहीं करने और दुकान के सीसीटीवी सिस्टम को अद्यतन नहीं रखने के कारण संबंधित आबकारी उपनिरीक्षक पी. माधव राव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

वहीं, धमतरी जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र में 25 जुलाई को जब्त 53 पेटी अवैध देशी एवं विदेशी शराब की जांच के दौरान होलोग्राम के आधार पर शराब का स्रोत बालोद जिले की अरकार देशी कम्पोजिट शराब दुकान पाया गया। जांच में निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में थोक बिक्री का मामला सामने आने पर संबंधित वृत्त प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक आशा राम शाक्य को भी निलंबित कर दिया गया।
इसी प्रकरण में अरकार शराब दुकान की प्रभारी एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलोफर जैन के नियंत्रण और पर्यवेक्षण में लापरवाही पाए जाने पर आबकारी आयुक्त ने उनके विरुद्ध नियमानुसार विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग को भेजी है।

आबकारी विभाग ने कहा कि प्रदेशभर में शराब दुकानों की नियमित निगरानी जारी रहेगी। अधिक कीमत पर शराब बिक्री, निर्धारित नियमों के उल्लंघन अथवा अन्य किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

