प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री एवं दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव ने गुरुवार को दुर्ग स्थित शासकीय डॉ. वा. वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित दीक्षारंभ (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने नवप्रवेशी छात्राओं का तिलक लगाकर एवं पुष्प अर्पित कर आत्मीय स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि महाविद्यालय केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और जीवन के उद्देश्य तय करने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्रा अपने भीतर असीम प्रतिभा और संभावनाएं लेकर आती है। यदि अनुशासन, निरंतर अध्ययन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ा जाए तो सफलता निश्चित है।
उन्होंने छात्राओं से नियमित अध्ययन करने, पुस्तकालय का अधिक से अधिक उपयोग करने तथा खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, नवाचार और सामाजिक सरोकारों से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को अधिक गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। विद्यालयों और महाविद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
कार्यक्रम के बाद मंत्री गजेन्द्र यादव ने महाविद्यालय की प्राचार्या, प्राध्यापकों और शिक्षण समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की संख्या, उपलब्ध संसाधनों तथा भविष्य की आवश्यकताओं की जानकारी ली। इस दौरान महाविद्यालय प्रबंधन ने छात्राओं के लिए खेल मैदान सहित अन्य अधोसंरचनात्मक सुविधाओं की मांग रखी। इस पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र विस्तृत प्राक्कलन (एस्टीमेट) तैयार करने के निर्देश दिए।

दीक्षारंभ कार्यक्रम में सभापति श्याम शर्मा, पार्षद खालिक रिजवी, महाविद्यालय शिक्षण समिति के सदस्य दिनेश नालोडे, झरना वर्मा, प्रीती साहू, प्राचार्या रंजना श्रीवास्तव, महाविद्यालय के प्राध्यापक, पालकगण एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

