दुर्ग। बिजली दरों में बढ़ोतरी और बढ़ते बिजली बिलों को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। गुरुवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बिजली की कीमतों में लगातार वृद्धि कर आम उपभोक्ताओं, किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।

पत्रकार वार्ता में कहा गया कि हालिया बढ़ोतरी के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे तथा गैर-घरेलू श्रेणी में 20 से 40 पैसे तक की वृद्धि की गई है। साथ ही कृषि पंपों की बिजली दरों में भी बढ़ोतरी का आरोप लगाया गया।

कांग्रेस का कहना है कि सरकार बनने के बाद यह पांचवीं बार बिजली दरों में वृद्धि की गई है, जबकि पहले से बढ़े हुए बिजली बिलों के कारण जनता परेशान है। पार्टी ने दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान सीमित स्तर पर दर संशोधन किया गया था और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू थी।

पत्रकार वार्ता में स्मार्ट मीटर को लेकर भी सवाल उठाए गए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अपेक्षा से अधिक वृद्धि देखने को मिल रही है। साथ ही उपभोक्ताओं की सहमति के बिना अनुबंध भार बढ़ाने और अलग-अलग माध्यमों से बिल जारी किए जाने जैसी शिकायतें भी सामने आने की बात कही गई।

कांग्रेस ने दावा किया कि जून माह में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़े हैं और आम लोग इससे परेशान हैं। पार्टी ने राज्य सरकार से बिजली दरों की समीक्षा करने, उपभोक्ताओं को राहत देने तथा स्मार्ट मीटर व्यवस्था की जांच कराने की मांग की।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि जनता को राहत नहीं मिली तो इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा।

“राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट” — अयोध्या मामले पर भूपेश बघेल का भाजपा पर तंज
अयोध्या राम मंदिर परिसर में कथित चोरी की घटनाओं को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि “राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट” और सवाल उठाया कि आखिर राम मंदिर जैसे आस्था के केंद्र में चोरी कौन कर रहा है।
भूपेश बघेल ने कहा कि मंदिर की व्यवस्था और सुरक्षा की जिम्मेदारी जिनके पास है, उन्हें जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक आस्था के नाम पर राजनीति करने वालों को अब मंदिर से जुड़े मामलों पर भी स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि राम मंदिर परिसर में इस प्रकार की घटनाएं सामने आ रही हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
