युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनावों के बीच लेटर बम फूटने से दुर्ग की राजनीति में बवाल मच गया है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू का एक कथित पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर विवाद अब दिल्ली दरबार तक पहुंच चुका है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को एक आधिकारिक शिकायत पत्र भेजकर इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। आरोप है कि वरिष्ठ नेताओं द्वारा चुनाव को प्रभावित करने का यह प्रयास सीधे तौर पर संगठन में अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है, जिसकी यूथ कांग्रेस के नियमों में सख्त मनाही है।

क्या है वायरल लेटर बम का पूरा विवाद?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह पत्र पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के लेटरहेड पर युवा कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव अधिकारी (IYC) समर्थ मिश्रा को संबोधित है। इस पत्र में दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रिसाली ब्लॉक को भिलाई में शामिल किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई गई है। पत्र में लिखा गया है कि वर्तमान में युवा कांग्रेस के जिला, विधानसभा, ब्लॉक व प्रदेश स्तर के चुनाव होने हैं। दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में कुल 20 ब्लॉक हैं, जिनमें से रिसाली ब्लॉक को भिलाई में शामिल दिखाया जा रहा है जो कि उचित नहीं है। पत्र में आग्रह किया गया है कि इसे पूर्ववत दुर्ग ग्रामीण में ही रखा जाए।

शिकायत का आधार :- चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश
यूथ कांग्रेस के नियमों के मुताबिक, एक बार चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद किसी भी स्तर पर सांगठनिक सीमाओं, ब्लॉकों या नियमों को प्रभावित करने वाली कोई भी गतिविधि पूरी तरह से प्रतिबंधित होती है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि एक पूर्व गृह मंत्री और कद्दावर नेता द्वारा सीधे चुनाव अधिकारी को ऐसा पत्र लिखना वर्तमान चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने और दबाव में लाने का सीधा प्रयास है।

राहुल गांधी के लोकतांत्रिक मॉडल को चुनौती
मल्लिकार्जुन खरगे को भेजी गई शिकायत में साफ तौर पर कहा गया है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने युवा कांग्रेस (IYC) और एनएसयूआई में बड़े नेताओं के हस्तक्षेप को समाप्त करने के लिए एक ऐतिहासिक, पारदर्शी और लोकतांत्रिक चुनाव प्रणाली की नींव रखी थी। इसका एकमात्र उद्देश्य यह था कि जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को बिना किसी राजनीतिक दबाव के अपनी योग्यता और जनसमर्थन के बल पर आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ में कुछ प्रभावशाली नेताओं द्वारा इस पारदर्शी व्यवस्था को दरकिनार कर अपने पसंदीदा उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाने के लिए सांगठनिक ढांचे में हेरफेर कराने का अनुचित दबाव बनाया जा रहा है, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जिले से लेकर प्रदेश तक मची सियासी हलचल
इस लेटर बम के फूटने के बाद दुर्ग जिले से लेकर राजधानी रायपुर तक की राजनीति गरमा गई है। दुर्ग ग्रामीण हमेशा से ही प्रदेश की राजनीति का एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील केंद्र रहा है। युवा कांग्रेस के इस आंतरिक दंगल में पूर्व गृह मंत्री का नाम सामने आने से संगठन के भीतर गुटबाजी और असंतोष एक बार फिर सतह पर आ गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि राष्ट्रीय नेतृत्व ने इस शिकायत पर कड़ा रुख अपनाया, तो आने वाले दिनों में प्रदेश कांग्रेस कमेटी में इसके बड़े और दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल, इस वायरल पत्र और दिल्ली पहुंची शिकायत पर पूर्व गृह मंत्री या युवा कांग्रेस के चुनाव अधिकारियों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया से लेकर पार्टी के गलियारों तक यह मुद्दा इस समय छत्तीसगढ़ की राजनीति का सबसे बड़ा चर्चा का विषय बन चुका है।
