औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ रही चोरी की घटनाओं के बीच जामुल पुलिस ने एक वर्कशॉप से लोहे का सामान चोरी कर कबाड़ी को बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को भी चिन्हित किया गया है। आरोपियों की निशानदेही पर करीब 50 हजार रुपए मूल्य का चोरी गया सामान बरामद किया गया है।
पुलिस के मुताबिक छावनी बस्ती स्थित एक वर्कशॉप संचालक घनश्याम साहू ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 8 जून की रात अज्ञात चोरों ने वर्कशॉप में रखे लोहे के कटिंग जॉब, स्क्रैप और अन्य सामग्री चोरी कर ली। शिकायत पर थाना जामुल में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मुखबिर की सूचना से खुला राज
विवेचना के दौरान पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली। इसके आधार पर संदेही लोकेश यादव उर्फ बाली और रवि विश्वकर्मा उर्फ खील्लू सहित एक नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी करना स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि चोरी के बाद लोहे का सामान कबाड़ी परवेज खान और सुरेश पाण्डेय को बेच दिया गया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गया सामान बरामद कर लिया।

कबाड़ी भी बना आरोपी
जांच में सामने आया कि चोरी का माल खरीदकर आगे बेचने का काम किया जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने कबाड़ी परवेज खान को भी आरोपी बनाया और गिरफ्तार कर लिया। मामले में सुरेश पाण्डेय की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
ये आरोपी गिरफ्तार
लोकेश यादव उर्फ बाली (23), राजीव नगर खुर्सीपार
रवि विश्वकर्मा उर्फ खील्लू (20), गौतम नगर खुर्सीपार
परवेज खान (37), सोनकर मोहल्ला, केम्प-2 भिलाई

औद्योगिक क्षेत्रों में सक्रिय है कबाड़ चोरी का नेटवर्क
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में स्क्रैप और लोहे की चोरी के पीछे सक्रिय नेटवर्क काम कर रहे हैं, जो चोरी का माल कबाड़ियों के माध्यम से खपाते हैं। इस मामले में भी पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने पहले भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं।