लिटिया सेमरिया। ग्राम लिटिया सेमरिया में आयोजित सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का रविवार को भक्तिमय माहौल में समापन हुआ। अंतिम दिवस कथा सुनने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चली कथा में व्यास पीठ से आचार्य डॉ. विक्रांत दुबे ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया।

आचार्य डॉ. विक्रांत दुबे ने कहा कि भगवान भोलेनाथ पर विश्वास रखें और अपने कर्म को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से करें। व्यक्ति का अधिकार केवल कर्म करने में है, फल की चिंता नहीं करनी चाहिए। मेहनत और अच्छे कर्मों का फल भगवान शिव अवश्य देते हैं। उन्होंने कहा कि परिस्थितियों और भावनाओं में बहकर लिए गए निर्णय कर्म को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए हर कार्य समर्पण और निस्वार्थ भावना से करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह पृथ्वी लोक भगवान शंकर का है, यहां कण-कण में शिव का वास है। सभी को कैलाश पर्वत पर भगवान भोलेनाथ के चरणों में रहने की कामना करनी चाहिए। उन्होंने परिवार में संस्कार, प्रेम और समर्पण का महत्व बताते हुए कहा कि माता-पिता और बच्चों के बीच अच्छे संस्कार आने वाले समय को बेहतर बनाते हैं।

कथा के दौरान आचार्य ने भगवान शिव के स्वरूप का वर्णन करते हुए कहा कि भोलेनाथ दयालु और करुणामय देव हैं, जो सच्ची श्रद्धा से प्रसन्न हो जाते हैं। उन्होंने समुद्र मंथन, नीलकंठ स्वरूप, शिवलिंग का महत्व, बेलपत्र, गंगा, चंद्रमा, नंदी, त्रिशूल और डमरू सहित भगवान शिव से जुड़े प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया।

विधायक ईश्वर साहू ने उठाई शिवमहापुराण की पोथी
समापन अवसर पर साजा विधायक ईश्वर साहू शामिल हुए। उन्होंने शोभायात्रा के दौरान श्री शिव महापुराण की पोथी अपने सिर पर रखकर ग्राम का भ्रमण किया। कथा समाप्ति के बाद 11 वर्षीय सार्थक ललित शर्मा ने बाबा श्याम का मधुर भजन प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और जयकारों के साथ भक्तिमय वातावरण में झूम उठे।

अंतिम दिवस शाम 5 बजे हवन-पूजन, पूर्णाहुति एवं आरती का आयोजन किया गया। इसके बाद रामधुन के साथ शोभायात्रा निकाली गई। शाम 7 बजे श्रद्धालुओं को पुड़ी-सब्जी, हलवा और बूंदी का प्रसाद वितरण किया गया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा।