पाटन विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर चल रहे ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत दक्षिण पाटन के कई गांवों में बूथ और ग्राम कांग्रेस कमेटियों का गठन किया गया। इस अभियान में पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel के पुत्र Chaitanya Baghel की सक्रिय मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है।
अभियान के तहत ग्राम भरर, घोरारी, बीजाभाठा, भंसूली (आर), मोहभट्ठा, सुरपा, टेमरी, नवागांव (ब) और औरी (आर) में बूथ एवं ग्राम कांग्रेस कमेटियों का गठन किया गया। बैठकों में संगठन की जमीनी मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और गांव स्तर तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया गया। बैठक में जिला कांग्रेस सचिव राजाराम गहिरवार, जिला कोषाध्यक्ष आशीष जैन, जिला महामंत्री डॉ. धर्मेंद्र निर्मल, ब्लॉक कांग्रेस महामंत्री डॉ. रामनाथ साहू, मंडल अध्यक्ष कपूर साहू, दिनेश कुमारी चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पाटन में लगातार दूसरे दिन अलग-अलग गांवों में कांग्रेस द्वारा बूथ और ग्राम समितियों के गठन को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को गांव स्तर पर फिर से सक्रिय करने की रणनीति पर काम कर रही है।

कांग्रेस का फोकस संगठन पर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पाटन विधानसभा कांग्रेस का पारंपरिक गढ़ रही है। ऐसे में संगठन सृजन अभियान को आगामी चुनावी रणनीति की शुरुआती तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व बूथ स्तर तक नए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देकर संगठन को अधिक सक्रिय बनाने की कोशिश में जुटा है।
मजबूत संगठन की जनता की आवाज
बैठक को संबोधित करते हुए चैतन्य बघेल ने कहा कि कांग्रेस की वास्तविक ताकत गांव और बूथ स्तर का संगठन है। मजबूत संगठन ही जनता की आवाज को प्रभावी ढंग से उठा सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव तक कांग्रेस की विचारधारा पहुंचाने और नए लोगों को संगठन से जोड़ने का आह्वान किया।

भूपेश मॉडल और संगठन विस्तार पर जोर
पूर्व ओएसडी आशीष वर्मा, विधायक प्रतिनिधि अशोक साहू और अन्य नेताओं ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए किसानों, मजदूरों, युवाओं और ग्रामीण हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने की बात कही। नेताओं ने कहा कि संगठन की मजबूती ही भविष्य की राजनीतिक लड़ाई की सबसे बड़ी ताकत होगी।