जमीन में गड़ा हुआ खजाना मिलने और उसमें से निकले सोने के बिस्किट सस्ते दाम में बेचने का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले अंतरजिला गिरोह का दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 1.242 किलोग्राम वजन के सोने जैसे दिखने वाले नकली धातु के बिस्किट, एक नकली सिक्का, कार और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।

मामले का खुलासा उस समय हुआ जब बोरसी निवासी जितेंद्र साहू ने थाना उतई में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को यह कहानी सुनाते थे कि उन्हें जमीन में दबा एक पुराना हंडा मिला है, जिसमें सोने के बिस्किट और सिक्के निकले हैं। इसके बाद वे नकली धातु को असली सोना बताकर बाजार मूल्य से बेहद कम कीमत में बेचने का लालच देते थे। पुलिस के अनुसार आरोपी पहले विश्वास जीतने के लिए सोने जैसी दिखने वाली धातु दिखाते थे और फिर सौदा तय कर लोगों से बड़ी रकम ऐंठ लेते थे। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और लगातार निगरानी के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग जिलों में दबिश देकर गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया।

कई जिलों में फैला था नेटवर्क
गिरफ्तार आरोपियों में दुर्ग, कोरबा, कबीरधाम और मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले के निवासी शामिल हैं। पुलिस को आशंका है कि गिरोह लंबे समय से इसी तरह की ठगी को अंजाम दे रहा था।
यह सामान हुआ बरामद
1 किलो 242 ग्राम वजन के सोने जैसे दिखने वाले नकली धातु के बिस्किट
6.38 ग्राम वजन का नकली सोने का सिक्का
वैगनआर कार (CG-04-HC-6220)
मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्य

गिरफ्तार आरोपी
दिनेश कुमार टंडन (दुर्ग)
पन्नालाल कुर्रे (कोरबा)
गणेशराम गंधर्व (कबीरधाम)
रामस्वरूप रौतेल (डिंडोरी, मध्यप्रदेश)
भानुप्रताप डहरिया (पाटन, दुर्ग)
पुराने मामलों की भी जांच
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पन्नालाल कुर्रे के खिलाफ पहले भी इसी तरह की ठगी के मामले दर्ज रहे हैं। वहीं दिनेश टंडन के विरुद्ध मारपीट और संपत्ति संबंधी अपराधों का रिकॉर्ड भी मिला है। दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सस्ते दाम पर सोना, चांदी या अन्य बहुमूल्य वस्तुएं बेचने का कोई भी प्रस्ताव मिलने पर बिना सत्यापन लेन-देन न करें। ऐसे मामलों में तत्काल पुलिस को सूचना दें।
