प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल शिलान्यास किए जाने के बावजूद दुर्ग के उरला और बघेरा रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित ओवरब्रिज और अंडरब्रिज परियोजना आज भी धरातल पर नहीं उतर सकी है। डेढ़ वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से पटरी पार क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। कांग्रेस नेताओं ने इसे जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे की अनदेखी बताते हुए जल्द काम शुरू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
दुर्ग शहर का पटरी पार क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। उरला, बघेरा, सिकोला, चंदखुरी और आसपास के क्षेत्रों की आबादी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उरला और बघेरा रेलवे क्रॉसिंग क्षेत्र की सबसे बड़ी यातायात बाधा बन चुकी है। स्थानीय लोगों के अनुसार हर पांच से दस मिनट में रेलवे फाटक बंद हो जाता है, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। रेलवे ने क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग को देखते हुए दोनों रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज और अंडरब्रिज निर्माण की योजना बनाई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका वर्चुअल शिलान्यास भी किया था। शिलान्यास के बाद प्रस्तावित स्थल पर सफाई और प्रारंभिक तैयारियां शुरू हुईं, लेकिन कुछ ही समय बाद पूरा काम बंद हो गया। अब स्थिति यह है कि रेलवे प्रशासन भी निर्माण कार्य शुरू होने की स्पष्ट समयसीमा नहीं बता पा रहा है।

गर्मी में जाम, परेशान जनता
कांग्रेस नेताओं ने मौके का निरीक्षण कर दावा किया कि भीषण गर्मी में स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और मरीज घंटों रेलवे फाटक खुलने का इंतजार करते हैं। कई बार एम्बुलेंस और जरूरी सेवाओं के वाहन भी जाम में फंस जाते हैं।
कांग्रेस की आंदोलन की चेतावनी
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अब्दुल गनी, पूर्व पार्षद अमृत लोढ़ा, देवकुमार जंघेल, लिखन साहू, डॉ. छत्रसाल गायकवाड सहित कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उरला और बघेरा में पर्याप्त जगह उपलब्ध है। इसके बावजूद परियोजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री स्तर पर परियोजना का शिलान्यास हो चुका है तो फिर निर्माण कार्य में देरी की वजह क्या है? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।

टूटी पुलिया ने बढ़ाई परेशानी
पूर्व पार्षद जमुना साहू ने उरला रेलवे क्रॉसिंग के आगे सिकोला भाठा मोड़ पर टूटी पुलिया को भी तत्काल बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिया क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रधानमंत्री ने शिलान्यास किया, रेलवे ने घोषणा की, प्रारंभिक तैयारी भी हुई… फिर आखिर किस वजह से उरला-बघेरा ओवरब्रिज परियोजना फाइलों में कैद हो गई?