आगामी चुनावों की आहट के बीच पाटन विधानसभा में कांग्रेस ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। संगठन सृजन अभियान के तहत जामगांव आर ब्लॉक के केसरा, बोरेन्दा, जरवाय, खर्रा, बरबसपुर, पाहांदा, कुर्मीगुंडरा, गबदी और बेलौदी सहित कई ग्राम पंचायतों में बूथ एवं पंचायत कांग्रेस कमेटियों का गठन किया गया। इस अभियान को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पाटन विधानसभा पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel का परंपरागत गढ़ रही है और यहां संगठन की मजबूती सीधे चुनावी समीकरणों को प्रभावित करती है।
बैठक में कांग्रेस नेता एवं युवाओं के बीच सक्रिय भूमिका निभा रहे Chaitanya Baghel ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत उसका जमीनी संगठन और समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर पर मजबूत संगठन ही चुनावी सफलता की कुंजी है। साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं के लिए किए गए कार्यों को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।
नेतृत्व की नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने का संकेत
राजनीतिक जानकारों की मानें तो संगठन सृजन अभियान केवल बूथ गठन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे पाटन में कांग्रेस के भविष्य के नेतृत्व और संगठनात्मक पुनर्संरचना से भी जोड़कर देखा जा रहा है। चैतन्य बघेल की सक्रिय मौजूदगी को कांग्रेस की नई पीढ़ी को तैयार करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। पूर्व ओएसडी Ashish Verma ने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा सेवा और जनहित की विचारधारा है तथा बूथ स्तर का कार्यकर्ता ही संगठन की असली ताकत होता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अनुशासन और समन्वय के साथ काम करने का आह्वान किया।
मजबूत बूथ ही मजबूत संगठन की नींव
पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष Ashok Sahu ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास जनसेवा और संघर्ष का इतिहास रहा है। संगठन सृजन अभियान के माध्यम से पार्टी की विचारधारा को हर घर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं जामगांव आर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष Rajesh Thakur ने कहा कि बूथ चुनाव की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। इसी कारण प्रत्येक पंचायत और बूथ पर सक्रिय टीम तैयार की जा रही है, ताकि कांग्रेस की नीतियों और कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाया जा सके।
गांवों में पकड़ मजबूत करने पर फोकस
पाटन विधानसभा में कांग्रेस की यह गतिविधि ऐसे समय हो रही है जब प्रदेश की राजनीति में संगठनात्मक मजबूती को लेकर सभी दल सक्रिय हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बैठकें, बूथ गठन और कार्यकर्ता संवाद यह संकेत दे रहे हैं कि कांग्रेस आने वाले चुनावों के लिए अपनी सबसे मजबूत विधानसभा सीटों में से एक पाटन में कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती।