भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में करोड़ों रुपए के स्क्रैप चोरी मामले की जांच अभी जारी है कि अब कोक और कोयले के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा सामने आया है। दुर्ग पुलिस ने खुर्सीपार में दबिश देकर 15.53 टन संदिग्ध कोक-कोयला जब्त किया है और फर्जी जीएसटी बिल बनाकर कारोबार करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बीएसपी से लगातार स्क्रैप, कोक और कोयला जैसे बहुमूल्य संसाधन बाहर कैसे पहुंच रहे हैं? क्या यह केवल स्थानीय स्तर की चोरी है या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा है? पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि खुर्सीपार गेट के पास विजय केसरवानी के भंडारण स्थल पर भारी मात्रा में कोयला अवैध रूप से जमा कर बेचा जा रहा है। सूचना के बाद एसीसीयू और खुर्सीपार थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारकर लगभग 15.53 टन कोक-कोयला बरामद किया।
फर्जी दस्तावेजों से पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
जांच के दौरान आरोपी विजय केसरवानी ने खुद को वैध व्यापारी बताते हुए जीएसटी बिल और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए, लेकिन पुलिस ने केवल कागजों पर भरोसा नहीं किया। तकनीकी जांच और विभागीय सत्यापन में पूरा खेल सामने आ गया।पता चला कि प्रस्तुत किए गए जीएसटी दस्तावेज, परिवहन अभिलेख और अन्य रिकॉर्ड फर्जी और कूटरचित थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि दस्तावेज तैयार कराने में राजकुमार मिश्रा और सुनील शर्मा की भी सक्रिय भूमिका थी। डिजिटल लेनदेन, मोबाइल संपर्क और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
स्क्रैप के बाद कोयला, सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
महज कुछ दिन पहले पुलिस ने बीएसपी से चोरी किए गए लगभग 250 टन स्क्रैप और लोहे की सामग्री जब्त कर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच में खुलासा हुआ था कि फ्लू डस्ट वाहनों के जरिए बीएसपी का लोहा बाहर भेजा जा रहा था। अब कोयला और कोक का मामला सामने आने से सवाल और गंभीर हो गए हैं। आखिर प्लांट की बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और सीआईएसएफ की मौजूदगी के बावजूद इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री बाहर कैसे निकल रही है? यदि स्क्रैप और कोयला दोनों मामलों को जोड़कर देखा जाए तो यह संकेत मिलता है कि प्लांट के भीतर से सामग्री की लगातार निकासी कोई आकस्मिक घटना नहीं बल्कि संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है।
अभी और बड़े खुलासे संभव
पुलिस का कहना है कि जब्त कोक-कोयले के वास्तविक स्रोत, स्वामित्व, परिवहन व्यवस्था और संभावित चोरी के कनेक्शन की जांच जारी है। विभिन्न विभागों और संस्थानों से जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्रों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर प्लांट से जुड़े कुछ और नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।
गिरफ्तार आरोपी
विजय कुमार केसरवानी (48), खुर्सीपार
राजकुमार मिश्रा (46), प्रियंका नगर, खुर्सीपार
सुनील शर्मा (50), वर्तमान निवासी हाउसिंग बोर्ड, जामुल