विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर ने पर्यावरण संरक्षण और जनजागरण के उद्देश्य से शहर के प्रमुख मंदिरों में तुलसी के पौधे भेंट कर विशेष अभियान चलाया। अभियान की शुरुआत साईं बाबा मंदिर से हुई, जिसके बाद दुर्गा मंदिर, राम मंदिर, शीतला मंदिर, चंडी मंदिर सहित शहर के 11 प्रमुख मंदिरों में तुलसी के पौधे अर्पित कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर के अध्यक्ष एवं पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। उन्होंने कहा कि लोग उत्साह में बड़ी संख्या में पौधे तो लगा देते हैं, लेकिन उनके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी नहीं निभाते। वास्तविक पर्यावरण सेवा तभी सार्थक होगी जब लगाए गए पौधों को वृक्ष बनने तक संरक्षित किया जाए।
बाकलीवाल ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपनी क्षमता के अनुसार पौधारोपण करने के साथ उनकी देखभाल का भी संकल्प लेना चाहिए। केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें जीवित रखकर विकसित वृक्ष बनाना ही सबसे बड़ी पर्यावरणीय जिम्मेदारी है। एक विकसित वृक्ष सैकड़ों पौधों के बराबर पर्यावरण को लाभ पहुंचाता है।
उन्होंने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे यहां वृक्षों और पौधों को सदैव पूजनीय माना गया है। तुलसी का पौधा धार्मिक, सांस्कृतिक और औषधीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। यह वातावरण को शुद्ध करने के साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। इसी उद्देश्य से मंदिरों में तुलसी के पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री राजेंद्र साहू ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। बढ़ता प्रदूषण, घटते वन क्षेत्र और जलवायु परिवर्तन आज पूरी मानवता के सामने गंभीर चुनौती बनकर खड़े हैं। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर दुष्परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेसजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लिया। सभी ने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने की अपील की।