जिला साहू संघ दुर्ग की मासिक बैठक जिला साहू सदन केलाबाड़ी में जिला अध्यक्ष Nandlal Sahu की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में संगठन विस्तार, समाज की जनगणना, भवन निर्माण, महिला आत्मनिर्भरता और धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक का सबसे प्रमुख विषय समाज में बढ़ते धर्मांतरण को लेकर रहा। पदाधिकारियों और सदस्यों ने इस पर चिंता जताते हुए इसे रोकने के लिए ठोस रणनीति बनाने की बात कही।
बैठक की शुरुआत जिला कोषाध्यक्ष दिलीप साहू द्वारा मासिक आय-व्यय और युवती परिचय सम्मेलन के आय-व्यय विवरण प्रस्तुत करने से हुई, जिसे सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। बैठक में दुर्ग जिला साहू संघ को आबंटित भूमि पर निर्माण कार्य को लेकर भी चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने निर्णय लिया कि सबसे पहले भूमि पर आहाता निर्माण कराया जाएगा, इसके बाद चरणबद्ध तरीके से भवन निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। बैठक में जीआर साहू, यमला साहू, लखन साहू, अश्विनी साहू, मंजू साहू, सविता साहू, राकेश साहू, जयप्रकाश साहू, देवेंद्र साहू, शुभम साहू, लालेश्वरी साहू, पोषण साहू सहित जिला, तहसील और विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
धर्मांतरण रोकने विशेष टीम बनेगी
बैठक में कहा गया कि कुछ लोग लालच या बहकावे में आकर धर्म परिवर्तन कर रहे हैं। समाज के लोगों ने ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई। निर्णय लिया गया कि जिला, तहसील, परिक्षेत्र और ग्रामीण स्तर पर विशेष टोली गठित की जाएगी, जो गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चलाएगी। साथ ही धर्म परिवर्तन कर चुके लोगों को पुनः अपने मूल धर्म में वापस लाने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।
प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ रही सफलता
बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि पिछले तीन वर्षों में समाज के 10 विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित हुए हैं। इसी वर्ष कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में समाज के 5 युवाओं का चयन हुआ है। बैठक में सामाजिक गौरव गाथा, संगठन अनुशासन, नियमावली और संगठन व्यवस्था जैसे विषयों पर तहसील एवं परिक्षेत्र स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने प्रशिक्षण
समाज द्वारा महिलाओं और युवतियों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सिलाई, ब्यूटी पार्लर, मेहंदी आर्ट और मशरूम उत्पादन जैसी ट्रेनिंग भी दी जा रही है। पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष शुरू किए गए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को इस वर्ष भी आगे बढ़ाया जाएगा और नए सेंटर खोले जाएंगे, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें।