सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अनियमितताओं पर दुर्ग जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले की 24 शासकीय उचित मूल्य दुकानों (राशन दुकानों) का आबंटन निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 की कंडिका 16 के तहत की गई है। खाद्य विभाग के अनुसार जिन राशन दुकानों के संचालन में गड़बड़ी और नियमों के उल्लंघन की शिकायतें मिली थीं, उनके खिलाफ जांच के बाद यह फैसला लिया गया।
निरस्त किए गए आबंटनों में कई महिला स्व-सहायता समूह, सहकारी समितियां और उपभोक्ता भंडार शामिल हैं। इनमें महिला स्व सहायता समूह, संगवारी खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उप सेवा सह समिति, नवीन महिला स्व सहायता समूह, शंकरा महिला स्व सहायता समूह, जय शक्ति महिला स्व सहायता समूह, जय श्री कृष्ण महिला स्व सहायता समूह, दुर्ग सहकारी विपणन समिति, कृषक सेवा सहकारी समिति कोहका, मां अन्नपूर्णा स्व सहायता समूह, सामुदायिक विकास समिति भिलाई, एकता महिला स्व सहायता समूह, बीएसपी प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार, सहकारी उपभोक्ता भंडार भिलाई, विन्ध्यवासिनी महिला स्व सहायता समूह, स्टील नगर महिला स्व सहायता समूह, जय भवानी महिला स्व सहायता समूह, इस्पात कर्मचारी कन्ज्यूमर कोऑपरेटिव स्टोर्स, संतोषी महिला स्व सहायता समूह और भूतपूर्व सैनिक कल्याण संघ सहित अन्य संस्थाएं शामिल हैं।
अब स्थानीय संस्थाओं से मांगे गए आवेदन
प्रशासन ने निरस्त दुकानों के नए संचालन के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन केवल संबंधित वार्ड की स्थानीय संस्थाओं से ही स्वीकार किए जाएंगे। इसके तहत स्थानीय नगरीय निकाय, महिला स्व-सहायता समूह, प्राथमिक कृषि साख समितियां, अन्य सहकारी समितियां, राज्य शासन द्वारा विनिर्दिष्ट उपक्रम और वन सुरक्षा समितियां आवेदन कर सकेंगी।आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन कलेक्टर कार्यालय की खाद्य शाखा में स्वयं, अधिकृत प्रतिनिधि अथवा साधारण डाक के माध्यम से जमा किए जा सकेंगे।
न्यायालय और शासन के निर्देशों के अधीन होगी प्रक्रिया
खाद्य नियंत्रक कार्यालय के मुताबिक, उन सहकारी समितियों और महिला स्व-सहायता समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी जो आवेदन की तारीख से कम से कम तीन माह पहले से पंजीकृत और सक्रिय हों तथा सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्र में कार्य का अनुभव रखते हों।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उचित मूल्य दुकानों का आबंटन छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली आदेश 2016 के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा। साथ ही पूरी प्रक्रिया न्यायालयीन निर्णय और शासन के निर्देशों के अधीन रहेगी। तय तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।