मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। सरकार ने जहां सड़क निर्माण कार्यों में बढ़ी डामर कीमतों से जूझ रहे ठेकेदारों को राहत देने का निर्णय लिया, वहीं सरकारी विभागों में जमा कबाड़ और अनुपयोगी सामग्री के निस्तारण के लिए ऑनलाइन ई-नीलामी व्यवस्था को अगले तीन साल तक जारी रखने का फैसला किया। इसके अलावा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल को सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन लाने का निर्णय भी लिया गया।
अब ऑनलाइन बिकेगा सरकारी कबाड़
कैबिनेट ने राज्य के विभागों, निगमों, मंडलों और स्थानीय निकायों में जमा स्क्रैप एवं अनुपयोगी सामग्री के पारदर्शी निस्तारण के लिए मेटर स्क्रैप ट्रेड कार्पोरेशन लिमिटेड के साथ सेलिंग एजेंसी अनुबंध की अवधि अगले तीन वर्षों के लिए बढ़ाने की मंजूरी दी। सरकार का मानना है कि एमएसटीसी के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म से देशभर के खरीदार प्रतिस्पर्धी बोली लगाते हैं, जिससे राज्य को बेहतर राजस्व मिलता है। इस व्यवस्था से अलग-अलग विभागों को अलग से निविदा निकालने की जरूरत नहीं पड़ेगी और सरकारी परिसरों में जमा कबाड़ के निस्तारण में भी तेजी आएगी।
कर्मचारी चयन अब सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल को सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन किया जाएगा। सरकार के अनुसार छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल अधिनियम 2026 लागू होने के बाद पूर्व व्यावसायिक परीक्षा मंडल का विलय नए मंडल में किया जा चुका है। इसके साथ ही पुरानी संस्था की परिसंपत्तियां और देनदारियां भी नए मंडल में समाहित कर दी गई हैं।
डामर महंगा, सड़क निर्माण पर असर, दी राहत
कैबिनेट बैठक का सबसे अहम फैसला सड़क निर्माण कार्यों से जुड़ा रहा। सरकार ने 1 अप्रैल से 30 जून 2026 तक बिटुमिन (डामर) की कीमतों में हुई असाधारण वृद्धि को देखते हुए ठेकेदारों को सीमित और आंशिक मूल्य राहत देने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण डामरीकरण कार्य प्रभावित होने लगे थे। इससे सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंका थी। इसी स्थिति को देखते हुए राहत पैकेज लागू किया गया है।