शुद्ध दवा-शुद्ध आहार अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीमों ने दूसरे दिन भी दुर्ग-भिलाई के बाजारों में सघन दबिश दी। गंजपारा, रामनगर और शनिचरी बाजार स्थित 10 बड़ी थोक एजेंसियों के रिकॉर्ड खंगालने के साथ ही संदेह के आधार पर कॉस्मेटिक के नमूने जब्त कर लैब भेजे गए।
मैंगो जूस में मिला केमिकल रंग
भीषण गर्मी में लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे जूस सेंटरों पर भी गाज गिरी। इंदिरा मार्केट के पांडे जूस कार्नर और अग्रसेन चौक स्थित देवांगन जूस कार्नर में मैंगो जूस को आकर्षक बनाने के लिए हानिकारक केमिकल रंगों का इस्तेमाल किया जा रहा था। टीम ने मौके पर ही भारी मात्रा में रंगीन जूस और रसायनों को नष्ट कराया। संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि केवल स्वच्छ पेयजल से बनी बर्फ और ताजे फलों का ही उपयोग करें।
11 मई तक चलेगा ‘क्लीनअप’ अभियान
जांच टीम ने मेसर्स श्रद्धा मेडिकल, वर्धमान, जायडस हेल्थ केयर और भारत एजेंसी सहित अन्य फर्मों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि कॉस्मेटिक का हर लेनदेन अधिकृत बिल के बिना मिला तो लाइसेंस निरस्त होगा। अधिकारियों के मुताबिक, 11 मई तक चलने वाला यह अभियान महज औपचारिक नहीं है; इसमें कोटपा अधिनियम और अस्पतालों में वैक्सीन कोल्ड चैन की जांच भी शामिल है। गड़बड़ी मिलने पर सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।