शासन की सेवा करते हुये रिटायरमेंट अब पेंशन का भी कोई अता पता नहीं इतने दिनों के भीतर शासन की सेवा करने के बाद भी पेंशन नहीं. छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएसन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा व जिला अध्यक्ष शत्रुघन साहू ने मांग कि है कि पच्चीस तीस साल तक सेवा देने वाले शिक्षकों को सम्मान जनक पेंशन मिले ताकि वे अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में आर्थिक तंगी का शिकार न हो.

जयंत यादव,सरस्वती गिरिया,किशन देशमुख,महेश चन्द्राकर, रोहित देशमुख, वीरेन्द्र वर्मा, राजेश चंद्राकर, चंद्रहास साहू ने पुर्व सेवा अवधि की गणना कर रिटायर हो रहे शिक्षकों के लिए पेंशन का प्रावधान बनाकर दिया जाये. पेंशन का दंश झेल रहे प्रदेश के हजारों शिक्षक संजय शर्मा ने कहा कि एल बी संवर्ग के शिक्षकों की सेवानिवृत्ति के पश्चात बन रही भयावाह स्थिति पर गहरी चिंता जताई है प्रदेश में 1998 और उसके पश्चात नियुक्ति शिक्षक अब लगातार सेवानिवृत्ति हो रहे हैं लेकिन इनको जीरो पेंशन पर ही रिटायर कर दी जा रही है.

रिटायरमेंट के बाद आर्थिक संकट अस्सी से नब्बे हजार रूपए अंतिम वेतन पाने वाले शिक्षक रिटायरमेंट के अगले ही महीने आर्थिक रूप से असहाय महसूस हो रहे हैं परिवार का भरण पोषण सब दांव पर है छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने मांग कि है कि पूर्व सेवा की गणना करते हुए उसे पेंशन योग्य सेवा मान्य किया जाए जीरों पेंशन की मार झेल रहे शिक्षक समाज का निर्माता इसके बाद भी शुन्य पेंशन पर खड़े है शासन के नियमों के तहत् विभागीय संविलयन के पश्चात दस वर्ष की सेवा पूरी करने पर ही न्युनतम पेंशन की पात्रता बनती है इसी प्रकार पेंशन के लिए पुर्व सेवा की गणना कर शिक्षकों की पेंशन लागू की जाये इस प्रकार बिना पेंशन के रिटायरमेंट हुये शिक्षक है जैसे पी एम श्री रमेश सिन्हा सनंद पाण्डेय बीरेंद्र पाण्डेय लक्ष्मी ठाकुर सतीश सिंह परमजीत कौर लीला देवी मंहत नीलिमा पाण्डेय मंजु शुक्ला सरोज गुप्ता हीरा अमलानी नुतन श्रीवास केदारनाथ धर दुबे शंभू सिंह धनराज सिंह डाहरे सुन्दर राम कैवत करुणा सुरेन्द्र राम भगत बोनी फास्ट टोप्पो गोपाल चंद नाग पुरन सिंह श्रीमाली सविता पाण्डेय हेमन सोनवानी शामिल हैं जिन्हें बिना पेंशन के रिटायरमेंट शासन के द्वारा कर दिया गया है।
