An inspiring example of social service: Donation of 10 tables for dignified meals for the elderly at Aastha Vriddha Ashram
भिलाई। समाज में संवेदनशीलता, करुणा और सेवा भाव की अनुपम मिसाल प्रस्तुत करते हुए समाजसेवियों के सहयोग से आस्था वृद्ध आश्रम, सेक्टर–8, भिलाई में वृद्धजनों के सम्मानजनक भोजन की व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु 10 टेबल का विधिवत दान किया गया। यह सेवा कार्य आपसी सहयोग, समर्पण और मानवीय मूल्यों का जीवंत उदाहरण बना। इस सेवा कार्य को सफल बनाने में विश्वनाथ, रश्मि द्विवेदी, उषा शर्मा, जे. वाणी सूर्या, सतविंदर कौर, संतोष कुमार चौबे, गीता माली, संतोष खंडूजा, स्वाति बोस (बिलासपुर) एवं हेमा सक्सेना का विशेष योगदान रहा, जिनके सहयोग से यह कार्य साकार हो सका।

इस पुनीत अवसर पर आर्य समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. अजय आर्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने वृद्धजनों के प्रति सम्मान और सेवा को जीवन का अनिवार्य कर्तव्य बताते हुए कहा कि जिस समाज में बुज़ुर्गों का आदर सुरक्षित रहता है, वही समाज सच्चे अर्थों में संस्कारी और समृद्ध कहलाता है। वृद्धजन हमारे संस्कार, अनुभव और जीवन मूल्यों की धरोहर हैं, उनकी सेवा ही सच्ची ईश्वर-सेवा है। उनके प्रेरक वचनों ने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान सतीश धीवर आचार्य अंकित शास्त्री नरेश सिंगरौल आदि उपस्थित रहे।

टेबल सौंपे जाने के अवसर पर वृद्धजनों को स्नेहपूर्वक बिस्किट, नमकीन आदि भी प्रदान किए गए। यह छोटा सा प्रयास उनके चेहरे पर मुस्कान और आत्मसम्मान की अनुभूति लेकर आया। सेवा का यह क्षण भावनात्मक और प्रेरणादायी रहा।