भिलाई के जामुल थाना क्षेत्र में हुए विकास प्रजापति पर जानलेवा फायरिंग मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। यह वारदात मुख्य आरोपी करण साव ने अपने चचेरे भाई शिवम साव की हत्या का बदला लेने के लिए भाड़े के शूटरों को बुलाकर करवाई थी। पुलिस ने इस साजिश में शामिल दो मुख्य आरोपियों को देश के दो अलग-अलग कोनों से गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक 9 आरोपी पकड़े जा चुके हैं, जबकि गोली चलाने वाला मुख्य शूटर और उसे बुलाने वाला एक अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं।
शूटरों की व्यवस्था करने वाला मामा का भाई
पुलिस ने बताया कि एसीसीयू की टीम ने वारदात के मास्टर माइंड करण साव के ममेरे भाई राजेश साव को बिहार शरीफ के झींगनगर स्थित उसकी दुकान से गिरफ्तार किया। राजेश ने ही करण के कहने पर अपने गाँव के दोस्त रवि से बात की, जिसने झारखंड के दो भाड़े के शूटरों बबलू और विक्की की व्यवस्था की।
ट्रेन में दबोचा गया बाइक चालक
गोलीकांड के दौरान बाइक चला रहे आरोपी बबलू को पुलिस ने टेक्निकल इंटेलिजेंस (इंट) की मदद से महाराष्ट्र में दबोचा। बबलू पूणे जाने के लिए ट्रेन में सवार हुआ था। पुलिस ने आरपीएफ की मदद ली। आरपीएफ ने बबलू को महाराष्ट्र के तुमसर रेलवे स्टेशन पर हिरासत में लिया।
मुख्य शूटर विक्की और रवि अब भी फरार
पुलिस ने इस मामले में साजिश रचने, हथियार और पैसे उपलब्ध कराने वाले समेत अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, गोली चलाने वाला मुख्य शूटर विक्की और भाड़े के शूटरों को बुलाने वाला रवि अभी भी फरार हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है।